*भगवंत मान सरकार के युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान के तहत नशे से उबर रहे युवाओं को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं लाइब्रेरीयाँ*

Jun18,2026 | Jagrati Lahar Bureau | Chandigarh


- नशे की तलब से उम्मीद की ओर: पंजाब में नशा मुक्ति की लड़ाई में किताबें बन रही हैं प्रभावी साधन

- मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और रिकवरी को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब के नशा मुक्ति केंद्रों में स्थापित लाइब्रेरीयाँ बन रही हैं सहारा

- किताबें, न कि नशा: पंजाब के पुनर्वास केंद्र किस तरह मरीजों को जीवन की नई शुरुआत करने में कर रहे हैं सहायता

- 10 जिलों में लाइब्रेरी पहलों को बढ़ावा दे रहे हैं फेलोज़; वर्ष के अंत तक 80 प्रतिशत से अधिक नशा मुक्ति केंद्रों तक कार्यक्रम के विस्तार की योजना


पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही लड़ाई में लाइब्रेरीयाँ एक नए लेकिन बेहद प्रभावशाली हथियार के रूप में उभर रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत सरकारी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में स्थापित की गई लाइब्रेरीयाँ नशे से उबर रहे लोगों को नशे की तलब से निपटने, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने और रिकवरी के दौरान सकारात्मक दिनचर्या विकसित करने में मदद कर रही हैं।

इन लाइब्रेरीयों की स्थापना, नवीनीकरण और रखरखाव पंजाब के ‘लीडरशिप इन मेंटल हेल्थ प्रोग्राम’ के माध्यम से किया गया है। यह एक फेलोशिप कार्यक्रम है, जो युवाओं को राज्य के नशा विरोधी अभियान से जोड़ता है। अब तक फेलोज़ द्वारा 10 जिलों के सरकारी केंद्रों में लाइब्रेरी पहलों को सहयोग दिया गया है और वर्ष के अंत तक 80 प्रतिशत से अधिक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों तक इस पहल का विस्तार करने की योजना है।

धार्मिक ग्रंथों, सिख इतिहास, साहित्य, कविता, जीवनियों, पंजाबी संस्कृति और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित पुस्तकों से सुसज्जित ये लाइब्रेरीयाँ मरीजों को एकाग्रता और आत्मचिंतन से जोड़ते हुए उन क्षमताओं को पुनः प्राप्त करने में मदद कर रही हैं, जिन्हें नशे की लत अक्सर छीन लेती है।

बठिंडा स्थित सरकारी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में किताबें अब उपचार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। मरीज अपने खाली समय में पढ़ने में रुचि ले रहे हैं और अक्सर एक-दूसरे से उन कहानियों पर चर्चा करते हैं, जिनमें उन्हें अपने जीवन की झलक दिखाई देती है।

बठिंडा स्थित पंजाब सरकार के नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलर सोमा ने बताया, “पहले यहाँ कोई लाइब्रेरी नहीं थी। यहाँ के डॉक्टर साहब ने पहल करके इसकी शुरुआत की। जब मरीज पढ़ना शुरू करते हैं तो उनका ध्यान दूसरी ओर लग जाता है। वे किताबों में इतने मग्न हो जाते हैं कि नशे की तलब कम होने लगती है। कहानियाँ, कविता और आत्मकथाएँ विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।”

उन्होंने कहा कि पढ़ना अब नियमित काउंसलिंग सत्रों का एक महत्वपूर्ण पूरक बन गया है।

सोमा ने कहा, “किताबें मरीजों को अपने जीवन और भविष्य के बारे में अलग ढंग से सोचने के लिए प्रेरित करती हैं। वे अधिक शांत हो जाते हैं और रिकवरी संबंधी चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने लगते हैं। पढ़ने से उनके जीवन में सकारात्मकता लौटती है।”

लाइब्रेरीयों का प्रभाव केवल बठिंडा तक सीमित नहीं है। अन्य पुनर्वास केंद्रों में भी काउंसलरों ने देखा है कि मरीज पढ़ने की आदत के माध्यम से स्वस्थ दिनचर्या विकसित कर रहे हैं।

होशियारपुर स्थित पंजाब सरकार के नशा मुक्ति केंद्र में क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक संदीप कुमारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं किताबों के माध्यम से कई लोगों के जीवन में बदलाव देखा है।

उन्होंने कहा, “हमने 2016 में अपने घरों से किताबें लाकर लाइब्रेरी की शुरुआत की थी। नशे से लंबे समय से प्रभावित मरीज धीरे-धीरे लाइब्रेरी आने लगे। अधिकांश प्रेरणादायक किताबें पढ़ते थे, जिन्होंने उन्हें नशे से उबरने और दोबारा ध्यान केंद्रित करने में मदद की। इस दौरान हमें यह भी पता चला कि कई लोगों को यह बुनियादी जानकारी भी नहीं थी कि नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सुइयों से एचआईवी/एड्स फैल सकता है। हमारी लाइब्रेरी में जीवनियाँ, धार्मिक पुस्तकें और नशा विरोधी साहित्य खूब पढ़ा जाता है। हालांकि सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली पुस्तक डॉ. नरेंद्र सिंह कपूर की ‘डूंगियां सिखरां’ है।”

सिख धर्म, सिख इतिहास, अध्यात्म और महान व्यक्तित्वों की जीवनियों से संबंधित पुस्तकें सबसे अधिक पसंद की जाती हैं। काउंसलरों का कहना है कि कई मरीज संघर्ष और कठिनाइयों के बाद सफलता प्राप्त करने वाले लोगों की कहानियों की ओर विशेष रूप से आकर्षित होते हैं। ऐसी कहानियाँ उन्हें अपने जीवन से जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं।

केंद्र में उपचाराधीन एक मरीज ने बताया कि पढ़ना उसके लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

नथाना गांव के परमिंदर सिंह (बदला हुआ नाम), जो इस समय बठिंडा केंद्र में उपचाराधीन हैं, ने कहा, “मुझे सिख इतिहास और आत्मकथाएँ पढ़ना पसंद है। जब आप उन लोगों के बारे में पढ़ते हैं जिन्होंने कठिनाइयों का सामना किया और फिर भी जीवन में सफलता हासिल की, तो हौसला मिलता है। मैंने हाल ही में उस्ताद नुसरत फतेह अली ख़ान के बारे में पढ़ा, जो मुझे बहुत प्रेरणादायक लगे।”

मालेरकोटला के अब्बासपुरा निवासी बलदेव सिंह ने कहा कि लाइब्रेरी ने उन्हें उनकी एक पुरानी आदत से फिर जोड़ दिया है।

उन्होंने कहा, “मुझे विशेष रूप से डॉ. सतनाम सिंह संधू की किताबें पढ़ना पसंद है। पढ़ने से मेरा मन व्यस्त रहता है और मैं अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रख पाता हूँ।”

काउंसलरों का कहना है कि ऐसे अनुभव अब लगातार सामने आ रहे हैं। जो मरीज शुरुआत में पढ़ने में रुचि नहीं दिखाते, वे धीरे-धीरे यह आदत विकसित कर लेते हैं। वे पहले छोटी और सरल किताबों से शुरुआत करते हैं और बाद में एक-दूसरे के साथ किताबों का आदान-प्रदान करते हैं, पढ़ी गई सामग्री पर चर्चा करते हैं और धर्म, इतिहास, कविता तथा अन्य विषयों में घंटों तक डूबे रहते हैं।

एक पन्ना पलटने की इस सरल प्रक्रिया के साथ, मुख्यमंत्री मान के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे से जूझ रहे अनेक लोग अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।

Libraries-Are-Helping-Recovering-Youth-Break-Free-From-Drugs-



TOP HEADLINES


रेलवे स्टेशन से सवा किलो अफीम के साथ पकड़ा गया युवक
*लुधियाना सेंट्रल जेल में हवालाती से नशीला पदार्थ बर
*केवल सिंह ढिल्लों व तरुण चुग ने श्री हरिमंदिर साहिब,
*लुधियाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चोरी/स्नैचिंग की वार
*नकली वीडियो के पीछे की सच्चाई सामने आ चुकी है; वीडियो
*आप प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से की मुलाकात, पंजाब के मु
*फोरेंसिक रिपोर्ट ने साजिश को पूरी तरह से किया खारिज,
गुरु साहिब अर्जुनदेव जी का बलिदान संपूर्ण राष्ट्र के ल
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 1,00,000 रुपये रिश्वत लेते हुए
*सीमा पार से हथियार तस्करी वाले मॉड्यूल से संबंधित आठ
*पंजाब सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के युवाओं के लिए मुफ
‘गैंगस्टरां ते वार’ का 149वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 1,00,000 रुपये रिश्वत लेते हुए
हरियाणा के आठ जिला अस्पतालों में लगेंगी मैमोग्राफी मश
हरियाणा में गृह विभाग की 33 सेवाएं राइट टू सर्विस एक्ट
*भगवंत मान सरकार के युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान के तहत
स्पीकर संधवां द्वारा श्री गुरु अर्जन देव जी को उनके शह
दिल्ली में बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के पकड़े ज
अंतर्राज्यीय सहयोग से अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ
पंचकूला के नाइट क्लब संचालकों को गैंगस्टरों की धमकियां

Run by: WebHead
National Punjab International Sports Entertainment Health Business Women Crime Life style Media Politics Religious Technology Education Nri Defence Court Literature Citizen reporter Agriculture Environment Railway Weather Sikh Animal Pollution Accident Election Mc election 2017-18 Local body Art Litrature Financial Tax Happy birthday Marriage anniversary Transfer Lok sabha election-2019 Uttar pradesh Kisan andolan Haryana

About Us


Jagrati Lahar Editor Image

Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.

Gautam Jalandhari (Editor)

Subscribe Us


Vists Counter

HITS : 50469797

Hindi news rss fee image RSS FEED

Address


Jagrati Lahar
Jalandhar Bypass Chowk, G T Road (West), Ludhiana - 141008.
Mobile: +91 161 5010161 Mobile: +91 81462 00161
Land Line: +91 161 5010161
Email: gautamk05@gmail.com, @: jagratilahar@gmail.com
Share your info with Us