विरोध जताते हुए विपक्षी पार्षदों ने नारेबाजी की और बच्चों के खिलौने ‘झुंझुने’ बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया
लुधियाना के विकास का रोडमैप तय करने के लिए मंगलवार को बुलाई गई नगर निगम की जनरल हाउस मीटिंग हंगामे में तब्दील हो गई। गुरु नानक भवन में आयोजित इस बैठक में सड़कों की बदहाली और कूड़े की समस्या जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। इसके बजाय मेयर ने कुछ ही मिनटों में 1258.80 करोड़ रुपये का बजट बिना किसी बहस के ध्वनि मत से पास कर दिया।बैठक की शुरुआत दोपहर को हुई, जहां निगम सेक्रेटरी विवेक वर्मा ने बजट एजेंडा सदन के सामने रखा। इस दौरान कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के पार्षदों ने बजट पर विस्तृत चर्चा की मांग उठाई। उनका कहना था कि इतने बड़े बजट में हर वार्ड को क्या मिला, इसका स्पष्ट विवरण दिया जाना चाहिए।हालांकि मेयर ने विपक्ष की मांगों को नजरअंदाज करते हुए आम आदमी पार्टी के बहुमत का हवाला देकर सीधे बजट पास करने की घोषणा कर दी। इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया और माहौल मछली बाजार जैसा बन गया। विरोध जताने के लिए विपक्षी पार्षदों ने नारेबाजी की और यहां तक कि बच्चों के खिलौने ‘झुंझुने’ बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
आमतौर पर बजट सत्र कई घंटों तक चलता है, लेकिन इस बार कुछ ही मिनटों में पूरी प्रक्रिया खत्म कर दी गई। विपक्ष का आरोप है कि यह बजट नहीं बल्कि शहर की जनता के साथ मजाक है। उन्होंने कहा कि जब चर्चा ही नहीं करनी थी तो बैठक बुलाने का क्या औचित्य था।
वहीं मेयर ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि उनका काम सिर्फ हंगामा करना है। उनके पास कोई रचनात्मक सुझाव नहीं था और वे केवल कार्यवाही में बाधा डालना चाहते थे, इसलिए जनहित में बजट पास करना जरूरी था।
हंगामे के बीच मेयर, कमिश्नर और विधायक के मीटिंग छोड़कर जाने के बाद विपक्षी पार्षदों ने प्रदर्शन किया और पूरे घटनाक्रम की निंदा की। इस तरह चंद मिनटों में ही बजट सत्र समाप्त हो गया।