राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़,23अगस्त।गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को काले झंडे दिखाने और नारेबाजी करने वाले 8 कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं की पहचान नीरज यादव, निवासी मानेसर, शिव, निवासी घटोला, निखिल, निवासी भिवानी, अनुज, निवासी कन्हई, हरकेश, निवासी फिरोज गांधी कॉलोनी, अमन, निवासी पटौदी चौक, मनोहर नगर, राजीव यादव, निवासी कृष्णा नगर और हरेन्द्र, निवासी तावडू जिला मेवात के रूप में हुई है।काले झंडे दिखाने की घटना को लेकर सिविल लाइन थाना प्रभारी को निलंबित किया है।डीसीपी वेस्ट और डीसीपी क्राइम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस पदाधिकारियों की गिरफ्तारी और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध जताया है। हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की नायब सिंह सरकार तानाशाही पर उतारू हो गई है और इसीलिए शांति पूर्ण विरोध प्रदर्शन पर यह कार्रवाई की गई।
पिछले शुक्रवार को गुरुग्राम में कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव की अगुवाई में 15 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने अचानक जेब में रखा काला कपड़ा निकाला और मुख्यमंत्री के काफिले को दिखाने लगे। काफिले के साथ चल रही गाड़ियों में मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी को देर निलंबित दिया गया। पुलिस आयुक्त ने डीसीपी वेस्ट और डीसीपी क्राइम से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, इंटेलिजेंस इंचार्ज के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव ने कहा कि आज मुख्यमंत्री नायब सैनी गुरुग्राम पहुंचे थे। वे गुरुग्राम में जेन-जी को टारगेट करने के लिए पहुंचे थे।भाजपा ने एक टॉस्क दिया है कि जो नौजवान और युवा आपके खिलाफ है, जाकर उनसे बात करो, संवाद करो
उनसे,।
कांग्रेस की ओर से काले झंडे दिखाने का फैसला गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में समयबद्ध कार्य न होने के विरोध में किया था। यूनिवर्सिटी के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स का अभी तक रिजल्ट नहीं आया है। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर सरकार ने शून्य सुविधाएं दे रखी हैं। यूनिवर्सिटी तक जाने के लिए स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बस और ट्रांसपोर्टेशन की कोई सुविधा नहीं है। यूनिवर्सिटी के इतने बदतर हालात हैं,।कांग्रेस ने गुरुग्राम में तोड़फोड़ और अवैध अतिक्रमण हटाने के नाम पर कार्रवाई का भी विरोध किया।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कांग्रेस प्रदर्शनकारियों द्वारा काले झंडे दिखाए जाने के मामले में स्थानीय प्रशासन और इंटेलिजेंस की गंभीर लापरवाही सामने आई।