अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी की अहम घोषणाएं स्कूली पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा
Jun21,2026
| Rajender Singh Jadon | Chandigarh
शारीरिक शिक्षकों को योग प्रशिक्षक बनाया जाएगा
कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में योग पर प्रश्न पूछे जाएंगे
मोरनी में राज्य स्तरीय प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग संस्थान स्थापित किया जाएगा
विश्व विद्यालयों के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में योग शामिल होगा
शिक्षा संस्थानों में होगा खेल और योग विभाग
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़, 21 जून । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, के अवसर पर पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय योग दिवस समारोह में योग को जन-आंदोलन के रूप में विकसित करने तथा विद्यार्थियों एवं युवाओं में स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
उन्होंने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र में कक्षा 3 से लेकर कक्षा 9वीं तक के पाठ्यक्रम में योग शिक्षा को लागू किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में योग तथा योग शिक्षा को नियमित रूप से प्रोत्साहित करने के लिए सभी पीटीआई, डीपीईडी, पीजीटी तथा चिह्नित पीआरटी शिक्षकों को योगासनों का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों को नियमित रूप से योगाभ्यास करवाया जा सके। इसके अलावा, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग तथा हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में योग से संबंधित कुछ प्रश्नों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। इसके लिए परीक्षा नीति में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि मोरनी में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के क्षेत्र में एक राज्य स्तरीय संस्थान की स्थापना की जाएगी, जहां प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग से संबंधित स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में स्थापित किए जा रहे पांच ‘‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’’ में योग को भी एक प्रमुख घटक के रूप में शामिल किया जाएगा। इससे विश्वविद्यालयों में योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सभी उच्चतर शिक्षा संस्थानों के स्पोर्ट्स विभागों का नाम परिवर्तित कर स्पोर्टस एवं योग विभाग किया जाएगा, ताकि योग को संस्थागत स्तर पर उचित स्थान एवं पहचान प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य की खेल नीति में योगासन को एक खेल विद्या के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक नीतिगत संशोधन किये जाएगे।
नायब सिंह सैनी कहा कि योग पाठ्यक्रम में आयुर्वेद के पाठ्यक्रम के कुछ अंशों को शामिल किया जायेगा। साथ ही, पूर्व में स्वीकृत आयुष योग कोच/ प्रशिक्षक के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान राज्य गीत का सामूहिक गायन सुनिश्चित किया जाएगा। ताकि, विद्यार्थियों में राज्य के प्रति गौरव, अनुशासन, राष्ट्रीय चेतना तथा सांस्कृतिक मूल्यों का विकास हो सके। उन्होंने कहा कि इन पहलों के माध्यम से योग को केवल एक व्यायाम पद्धति के रूप में नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समय एवं वैज्ञानिक पद्धति के रूप में स्थापित करने की दिशा में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर हरियाणा की स्वास्थ्य एवं आयूष मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चन्द गुप्ता, जिलाध्यक्ष अजय मित्तल, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया, हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष डा0 जयदीप आर्य, हरियाणा विमुक्त घुमंतु जाति विकास बोर्ड के अध्यक्ष जसमेर सिंह बंजारा, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती सुमिता मिश्रा, महानिदेशक आयुष संजीव वर्मा, एडीजीपी, सीआईडी सौरव सिंह, पुलिस कमिश्नर पंकज नैन, उपायुक्त सतपाल शर्मा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भण्डारी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को पंचकूला योगमय नजर आया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय योग दिवस समारोह में हजारों नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। समारोह को विशेष अंतरराष्ट्रीय स्वरूप तब मिला, जब हरियाणा में अध्ययनरत एवं कार्यरत 16 मित्र देशों के सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक इसमें भागीदारी की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने हरित योग अभियान को और गति देते हुए परेड ग्राउंड परिसर में पौधारोपण किया। इसके उपरांत उन्होंने हरियाणा योग आयोग, पतंजलि योग संस्थान, भारतीय योग संस्थान और एनर्जेटिक योग संस्थान द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और प्रेरणा से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज एक वैश्विक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। यह उस सनातन दर्शन का उत्सव है जो वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए ‘‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’’ के व्यापक संकल्प को साकार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया वास्तव में एक ग्लोबल विलेज बन चुकी है। ऐसे समय में योग सम्पूर्ण मानवता को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पंचकूला की इस पावन धरती पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हरियाणा में अध्ययनरत एवं कार्यरत 16 मित्र देशों-अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, एस्वातिनी, गाम्बिया, इराक, आइवरी कोस्ट, लेसोथो, मेडागास्कर, मलावी, दक्षिण सूडान, सीरिया, तंजानिया, युगांडा और जिम्बाब्वे के सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लेकर वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को साकार रूप प्रदान किया। उनकी सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि योग सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से परे सम्पूर्ण मानवता को एक सूत्र में जोड़ने की क्षमता रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आज पूरा विश्व भारत की इस अमूल्य विरासत का सम्मान कर रहा है। इसे हमारे ऋषि-मुनियों ने तप, साधना और ज्ञान के माध्यम से मानव मात्र को समर्पित किया था। आज यह संयुक्त राष्ट्र के मंच से लेकर दुनिया के लगभग हर देश तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग है’। यह थीम वर्तमान समय में और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विश्वभर में अधिक आयु के लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस अधिक आयु में व्यक्ति स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बना रहे, इसके लिए योग अत्यंत सहायक है।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया एक ऐसी चुनौती का सामना कर रही है, जहां मानसिक तनाव, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और मोटापा जैसे रोग फैलते जा रहे हैं। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पहले ही कह दिया था कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। आज आधुनिक विज्ञान भी यही बात स्वीकार कर रहा है। दुनिया भर में हुए अनेक शोध बताते हैं कि नियमित योग से तनाव कम होता है, रक्तचाप नियंत्रित रहता है, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आता है।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने देखा कि योग और प्राणायाम ने लाखों लोगों को मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान किया। जब पूरी दुनिया अनिश्चितता और भय से घिरी हुई थी, तब योग आशा का दीपक बनकर सामने आया था।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य पोर्टल तथा संजीवनी योग प्रोग्राम का शुभारम्भ किया। इसके अलावा, उन्होंने हरियाणा योग आयोग की त्रैमासिक पत्रिका ‘योगमय हरियाणा’ एवं सामान्य योग प्रोटोकॉल पुस्तिका के साथ-साथ योग गुरु स्वामी रामदेव जी की पुस्तक ‘योगर्षियोगनिघण्टुः’ का भी विमोचन किया।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डा0 जयदीप आर्य द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया गया। इसमें आईटीबीपी, सीआरपीएफ और पुलिस जवानों, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पंचकूला, स्कूल और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, आम नागरिकों और विभिन्न योग संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
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