भारतीय किसान यूनियन चढूनी की पहल पर 25को चंडीगढ़ में होगी बैठक
हरियाणा के सभी जिलों में कल काली पट्टी बांधकर किया जाएगा प्रदर्शन
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़,21जून। हरियाणा और पंजाब में एक बार फिर चार साल पूर्व के किसान आंदोलन का इतिहास दोहराने की तीसरी की जा रही है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने भारत अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध का ऐलान कर आगामी 25जून को चंडीगढ़ के किसान भवन में किसान और मजदूर संगठनों के साथ जनसंगठनों की बैठक बुलाई है। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन चढूनी की ओर से हरियाणा के सभी जिलों में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया जाएगा।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने यहां कहा कि प्रस्तावित समझौता भारत की आर्थिक स्वतंत्रता छीन लेगा। उन्होंने कहा इसी कारण यूनियन इस समझौते का पुरजोर विरोध करेगी।समझौते के विरोध में 23जून को हरियाणा के सभी जिलों में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया जाएगा।इसके बाद 25जून को चंडीगढ़ के किसान भवन में किसान,मजदूर और जनसंगठनों की बैठक में व्यापक आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
गुरनाम सिंह चढ़नी ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि आगामी 23और 24जून को नई दिल्ली मे होने वाली भारत अमेरिका व्यापार वार्ता में दोनों देशी के नीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के आसार है।यह समझौता देश की कृषि अर्थव्यवस्था को चौपट करने वाला होगा। इस समझौते में एक शर्त यह शामिल किए जाने की संभावना है कि भारत में कृषि फसलों का मूल्य विश्व बाजार से ज्यादा न दिया जाए।उन्होंने कहा को देश की मोदी सरकार द्वारा एम एस पी की गारंटी देने वाला कानून बनाना तो दूर रहा अब कृषि फसलों के मूल्य विश्व बाजार से जोड़ने की शर्त थोपी जा रही है।
चढूनी ने कहा कि भारत अमेरिका व्यापार वार्ता फरवरी 2025 से चल रही है और अब आगामी 23 और 24 जून को नई दिल्ली में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि के साथ होने वाली बैठक में दोनों देशों के व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारतीय बाजार को अमेरिका के कृषि उत्पादों के लिए खोलने वाली एकतरफा शर्ते शामिल किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की शर्ते स्वीकार न करने के लिए यूनियन ने प्रधानमंत्री,कृषि मंत्री,वाणिज्य ।मंत्री और खाद्य मंत्री को पत्र भेजे है। साथ ही प्रस्तावित समझौते के विरोध में आंदोलन को तैयारी है।