हैबोवाल का ईटीपी प्लांट पिछले 25 दिनों से बंद होने और ताजपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स के पास बनाए गए अस्थायी सीचेवाल मॉडल के ढह जाने पर राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अफसरशाही बुड्ढे दरिया को गंदा करने में माहिर है।
कार सेवा के जरिए बुड्ढे दरिया की सफाई अभियान चला रहे संत सीचेवाल ने बताया कि राजस्थान और मालवा क्षेत्र के लोग सतलुज दरिया के पानी का उपयोग पीने के लिए करते हैं, लेकिन लुधियाना की डेयरियों और डाइंग यूनिटों के मालिक बिना किसी रोक-टोक के गंदा और जहरीला पानी बुड्ढे दरिया में छोड़ रहे हैं।
मार्च महीने के दौरान दूसरी बार निरीक्षण करते हुए उन्होंने हैबोवाल ईटीपी प्लांट के 25 दिनों से बंद होने पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने नगर निगम, सीवरेज बोर्ड, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और खिलाड़ी संस्था के अधिकारियों से पूछा कि इस नाकामी के लिए जिम्मेदार कौन है, और बिना ट्रीट किए पशुओं का मल-मूत्र दरिया में जाने के लिए कौन जवाबदेह है।
अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में जरूरत से ज्यादा गोबर आने के कारण यह कई बार फेल हो चुका है। डेयरी मालिक गोबर उठवाने की बजाय पानी के दबाव से उसे नालियों में बहा रहे हैं, जो सीधे प्लांट तक पहुंच रहा है। वहीं प्लांट चलाने वाली कंपनी ने दावा किया कि पिछले ढाई साल से नगर निगम की ओर से 19 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है।
ताजपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स के मल-मूत्र को साफ करने के लिए अस्थायी तौर पर सीचेवाल मॉडल लगाया गया था, जहां से रोजाना 15 से 17 टिप्पर गोबर उठाया जाता था। लेकिन अब यह व्यवस्था पूरी तरह ढह जाने के कारण सारा गंदा पानी सीधे बुड्ढे दरिया में जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी भी खिलाड़ी संस्था के पास थी।
संत सीचेवाल ने इससे पहले जैनपुर, बरनहाड़ा, तलवाड़ा समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में बूढ़े दरिया की सफाई कार्य का निरीक्षण किया। लंबे समय से 7 बड़ी एक्सकेवेटर मशीनें दरिया से गंदगी निकालने में लगी हुई हैं।
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संत सीचेवाल ने कहा कि दरिया के पानी की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है, लेकिन ढीठ अफसरशाही बार-बार इसे गंदा करने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत सिंह मान के पंजाब को फिर से रंगला बनाने के सपने को पूरा करने में सबसे बड़ी रुकावट अफसरशाही ही है।