*एसजीपीसी को एक परिवार की गुलामी से आजाद कराना जरूरी: हरजोत सिंह बैंस* *सिखों की सर्वोच्च संस्था को एक परिवार की निजी जागीर नहीं बनने देंगे: हरजोत सिंह बैंस* *एसजीपीसी पर लगे गंभीर आरोपों की हो चाहिए निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच:बैंस** चंडीगढ़ 18 फरवरी** आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह जी द्वारा लगाए गए आरोप बेहद सनसनीखेज हैं। बैंस ने कहा कि यह केवल आरोप नहीं, बल्कि सिखों की सर्वोच्च संस्था के पतन का जीवंत प्रमाण हैं, जिसे अब एक विशेष परिवार की निजी जागीर बना दिया गया है। हरजोत बैंस ने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह जी द्वारा गुरु घर की जमीनों को बेचे जाने और बेशकीमती धार्मिक ग्रंथों के गायब होने जैसे जो खुलासे किए गए हैं, उन्होंने पूरी दुनिया में बैठी सिख संगत को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि जिस संस्था का काम कौम के हितों की रक्षा करना था, वह आज केवल एक परिवार की जी-हुजूरी और उनके राजनीतिक हितों को साधने का अड्डा बनकर रह गई है। मंत्री बैंस ने कहा कि जब कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी जैसी सम्मानित शख्सियत भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर सवाल उठाती है, तो स्पष्ट हो जाता है कि पानी सिर से ऊपर निकल चुका है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी आज सिख कौम की आवाज बनने के बजाय 'बादल परिवार' के रिमोट कंट्रोल से चल रही है। कौम की संपत्ति को निजी तिजोरियों में बदलने की कोशिशों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैंस ने दो मांग की कि इन सभी गंभीर आरोपों की एक उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि संगत के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने मांग की कि एसजीपीसी को एक परिवार के कब्जे से मुक्त करवाया जाना चाहिए ताकि यह संस्था दोबारा अपने गौरवमयी इतिहास के अनुरूप पूरी सिख कौम की भलाई के लिए काम कर सके।
Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.
Gautam Jalandhari (Editor)