टैक्स अधिवक्ताओं की जायज मांगों को हर मंच पर उठाया जाएगा : डॉ. डी.पी.एस. रंधावा
स्टडी सर्किल बैठक में टैक्स अधिवक्ताओं के हितों, कर न्याय व्यवस्था एवं वर्चुअल डिजिटल एसेट्स टैक्सेशन पर हुई विस्तृत चर्चा
लुधियाना। (विशाल):-टैक्सेशन बार एसोसिएशन (रजि.), आयकर, लुधियाना द्वारा एक स्टडी सर्किल बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य डॉ. दयाल प्रताप सिंह (डी.पी.एस.) रंधावा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने टैक्स प्रोफेशनल्स (अधिवक्ताओं) के समक्ष आने वाली विभिन्न समस्याओं एवं चुनौतियों को लेकर डॉ. रंधावा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में टैक्स अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु प्रभावी योजनाएं लागू करने, पेशेवर दायित्वों के निर्वहन के दौरान उन्हें विधिक संरक्षण प्रदान करने, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर मामलों में मुकदमेबाजी की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने, कर न्याय प्रणाली में अधिवक्ताओं की भूमिका को और अधिक सशक्त करने तथा टैक्स न्याय वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाने की मांग की गई।ज्ञापन प्राप्त करने के उपरांत डॉ. डी.पी.एस. रंधावा ने एसोसिएशन द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीर एवं न्यायोचित बताते हुए कहा कि टैक्स अधिवक्ताओं की जायज मांगों को हर मंच पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संबंध में बार काउंसिल ऑफ इंडिया, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय तथा अन्य संबंधित सक्षम अधिकारियों के समक्ष यह मामला प्रमुखता से रखा जाएगा, ताकि टैक्स अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के साथ-साथ कर प्रशासन एवं न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
बैठक के दौरान प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर कानूनों में हालिया विधिक एवं न्यायिक विकास पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार, कर विभाग एवं अधिवक्ता समुदाय के बीच निरंतर संवाद से कर विवाद निस्तारण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं न्यायसंगत बनाया जा सकता है।इस अवसर पर "वर्चुअल डिजिटल एसेट्स टैक्सेशन एंड लिटिगेशन इन इंडिया" विषय पर एक विशेष सेमिनार का भी आयोजन किया गया। साथ ही स्मार्टबीज टेक्नोलॉजीज द्वारा नवीन तकनीकी समाधानों पर प्रस्तुति दी गई। सेमिनार में एडवोकेट ध्रुव गुप्ता एवं युगेश जैन ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के कराधान, विधिक चुनौतियों एवं उभरते न्यायिक दृष्टिकोण पर अपने विचार साझा किए।बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदर सैन शर्मा, उपाध्यक्ष परमजीत सिंह, महासचिव सुरिंदर सहगल सहित योगेश अरोड़ा, गौरव शर्मा, लविश ढींगरा, गगन कालड़ा, नरेंद्र गोयल, हरकंवल सिंह सेठी, ओ.पी. मिगलानी, इंदरजीत सिंह मल्ही, तरलोक भल्ला, गौतम भल्ला, एन.के. बंसल, सी.पी. भारद्वाज, विजय वोहरा, अमरजीत कालड़ा, करमजीत सिंह, विवेक शर्मा, करण जोशी, विशाल शर्मा, करण चावला, मुनीश कौड़ा, अशोक वाधेरा, प्रिंस विवेक, डी.पी. बिंद्रा, नविंदर शर्मा, सोम प्रकाश कौशिक, बृजेश अग्निहोत्री, हिमांशु शर्मा, गिरीश नक्कारा तथा ऋषभ गर्ग सहित बड़ी संख्या में टैक्स अधिवक्ता एवं एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे।बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि टैक्स अधिवक्ताओं की लंबे समय से लंबित समस्याओं एवं सुझावों पर सरकार एवं संबंधित संस्थाएं सकारात्मक पहल करेंगी, जिससे कर न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं अधिवक्ता-अनुकूल बनाया जा सके।