पंजाब में जारी प्री एस आई आर में अब तक 37लाख वोटर संदिग्ध मिले
May24,2026
| Rajender Singh Jadon | Chandigarh
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़, 24मई। पंजाब में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन ( से पहले प्री स्पेशल रिवीजन में अब तक की गई 1.80 करोड़ वोटर्स की जांच में 37 लाख वोटर्स के वोटर कार्ड में गलतियां पकड़ी गई हैं। प्रदेश में हर 5 में से एक वोटर के वोटर कार्ड में कोई न कोई गलती पाई गई हैं। चुनाव आयोग का सॉफ्टवेयर इन वोटरों को संदिग्ध की श्रेणी में डाल रहा है। सॉफ्टवेयर 2003 की सूची को मैपिंग के लिए उठा रहा है। इसी सूची में जन्म तिथि और नाम-पते की गलतियां हैं।
सबसे ज्यादा गलतियां अमृतसर में मिल रही हैं। दूसरे नंबर पर मोहाली है। इसके अलावा जालंधर, लुधियाना और पटियाला जैसे जिलों में 20फीसदी से ज्यादा वोटर कार्डों में गलतियां मिल रही हैं। पंजाब में कुल 2.18 करोड़ वोटर हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी , पंजाब के दफ्तर के एक अधिकारी के अनुसार एस आई आर पूर्व की प्रक्रिया में जुटे अफसरों के मुताबिक इनमें कई तरह की गलतियां मिल रही हैं। कुछ वोटरों में माता-पिता और बच्चे के बीच महज 15 साल का अंतर है। दादा-दादी,नाना-नानी और पोते-पोती,नाती-नातिन की उम्र के बीच 40 साल से कम के अंतर शामिल हैं। इसके अलावा स्पेलिंग की गलती और पते की भी गलतियां हैं।
इलेक्शन सॉफ्टवेयर जिन वोटर्स को संदिग्ध करार दे रहा है, इनके घर-घर जाकर वैरिफाई किया जा रहा है। अगर किसी का वोट ठीक है तो प्रूफ लेकर उसमें सुधार किया जा रहा है। राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने भी कहा कि स्टाफ बूथ-स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से सभी गलतियों को फिजिकली देख रहा है और उन्हें ठीक कर रहा है।
जालंधर के इलेक्शन तहसीलदार सुखदेव सिंह ने कहा कि अगर किसी वोटर का नाम फाइनल सूची में भी नहीं होगा तो उसे नोटिस जारी कर 7 दिन का समय दिया जाएगा। उसके बाद इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर मौखिक आदेश जारी करेगा। यदि कोई आदेश से सहमत नहीं है, तो वे जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकता है। अगर फिर भी संतुष्ट नहीं होता तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकता है।
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर एस आई आर जून में शुरू होगा। इस दौरान 15 जून को अफसरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद 25 जून से प्रक्रिया शुरू होगी। बूथ लेवल अफसर फॉर्म भरवाने के लिए घर-घर जाएंगे। इसके बाद अंतिम वोटर सूची 1 अक्टूबर को जारी होगी।
1951 से लेकर 2004 तक का एस आई आर हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। मृत्यु के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।
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