कानून सबके लिए समान, सरकारी वाहनों पर भी लागू होगी जीरो टॉलरेंस नीति, कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं कर सकेगा उल्लंघन
6 दिनों में काली फिल्म और जाली लगे 85 वाहनों के चालान, पुलिस जैसी लाल-नीली लाइट लगाने वाले भी पकड़े गए
पुलिस जिला खन्ना में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने एक महत्वपूर्ण और जनहित में फैसला लिया है। उन्होंने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए काली फिल्म, जालियां, हूटर और लाल बत्ती लगे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। एसएसपी के ये निर्देश सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होंगे। यदि कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय में कई असामाजिक तत्व वाहनों पर काली फिल्म और जालियां लगाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने का प्रयास करते हैं। इससे न केवल जांच एजेंसियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने पूरे जिले में सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।विशेष बात यह है कि एसएसपी ने केवल आम जनता के लिए ही नहीं, बल्कि पुलिस और अन्य सरकारी अधिकारियों के लिए भी समान नियम लागू किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी वाहन पर काली फिल्म या अवैध जाली नहीं होनी चाहिए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के सरकारी वाहन में इस प्रकार का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले को लोग पारदर्शी और निष्पक्ष प्रशासन की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मोबाइल नाकाबंदी करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान काली फिल्म, अवैध जाली, हूटर और लाल बत्ती लगे वाहनों की जांच कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अधिक से अधिक चालान करने तथा आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को जब्त करने के लिए कहा गया है।एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि 16 जून से 22 जून तक खन्ना ट्रैफिक पुलिस द्वारा काली फिल्म और जाली लगाने के मामलों में 85 वाहनों के चालान किए गए। वहीं पुलिस वाहनों की तरह लाल-नीली लाइट लगाने वाले 4 वाहनों के भी चालान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के इस फैसले की सराहना की जा रही है। उनका मानना है कि ऐसे अभियानों से अपराधी तत्वों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और आम नागरिक खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।कानून के शासन को मजबूत करने के लिए जाने जाते एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया का यह कदम न केवल यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था को भी और मजबूत बनाएगा। उनका यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि कानून सबके लिए समान है और किसी भी प्रकार का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।