हरियाणा सरकार की बैंक जमाओ के गबन मामले में एक और आई ए एस पंकज अग्रवाल गिरफ्तार
Jun23,2026
| Rajender Singh Jadon | Chandigarh
पंचकूला अदालत ने सीबीआई को दो दिन रिमांड पर सौंपा
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़,23जून। चंडीगढ़ के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में जमा हरियाणा के सरकारी विभागों की करोड़ों रुपए की राशि के गबन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सोमवार देर रात एक और वरिष्ठ आई ए एस अफसर पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने पंकज अग्रवाल को दो दिन के रिमांड पर भेजा है।इससे पहले पंचकूला नगर निगम की बैंक जमाओ के गबन मामले में हरियाणा केडर के निलंबित आई ए एस रामकुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया था।
सीबीआई ने गिरफ्तारी की सूचना जारी की है हालांकि, यह नहीं बताया गया कि गिरफ्तारी कहां से की है। पंकज अग्रवाल आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट में प्रधान सचिव हैं। सीबीआई टीम ने मंगलवार सुबह पंकज अग्रवाल को पंचकूला कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने पंकज को दो दिन के रिमांड पर भेज दिया।
सीबीआई I ने बताया कि जिस समय घोटाला हुआ, उस समय पंकज अग्रवाल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव थे। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के खाते चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में नियमों के खिलाफ खोले गए थे।बाद में इन खातों में तय सीमा से ज्यादा सरकारी पैसा ट्रांसफर किया गया। इन खातों के जरिए फर्जी लेनदेन कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जिससे सरकार को 60.54 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ अहम सबूत मिले हैं।अब तक सीबीआई इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, निजी कंपनियां और अन्य लोग शामिल हैं। इससे पहले आईएएस अफसर आरके सिंह को गिरफ्तार किया गया था।
पंकज अग्रवाल के एडवोकेट विशाल गर्ग ने बताया कि सोमवार रात सीबीआई ने पंकज अग्रवाल को उनके घर से गिरफ्तार किया था। आज सुनवाई के दौरान सीबीआई कोर्ट के सामने कोई ठोस दलील पेश नहीं कर सकी। पंकज अग्रवाल पहले ही अपना लैपटॉप और मोबाइल जांच एजेंसी को सौंप चुके हैं। सीबीआई ने कोर्ट से तीन दिन के रिमांड की मांग की थी, जिस पर बचाव पक्ष ने आपत्ति जताई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दो दिन का रिमांड मंजूर किया।इससे पहले 17 जून को पंकज अग्रवाल के चंडीगढ़ आवास पर ईडी के अधिकारी पूछताछ करने के लिए पहुंचे थे। फ़िर 18 जून को आईएएस अफसर आरके सिंह को गिरफ्तार किया उन पर पंचकूला नगर निगम से जुड़े सरकारी धन के गबन में लिप्त होने का आरोप है। सीबीआई के मुताबिक, यह मामला सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा से जुड़े बड़े फंड घोटाले का हिस्सा है।
सीबीआई का दावा है कि जांच के दौरान आरके सिंह की भूमिका उस समय सामने आई, जब वे पंचकूला नगर निगम पंचकूला और कालका नगर परिषद में कमिश्नर का चार्ज संभाल रहे थे। जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले आरके सिंह ने बैंक फ्रॉड के कथित मास्टरमाइंड के साथ हुई अपनी चैट भी डिलीट कर दी थी। फिलहाल आरके सिंह न्यायिक हिरासत में है।
सरकार को दाखिल इमूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न के मुताबिक, 2000 बैच के आई ए एस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने पिछले दो साल में कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी। उन्होंने कुल तीन संपत्तियां घोषित की हैं। इनमें सबसे बड़ा बदलाव पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-2 स्थित द हाइलैंड्स सोसाइटी के अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट में देखने को मिला। इस फ्लैट पर उन्होंने साल 2024 की आईपीआर में 1.14 करोड़ रुपए कॉस्ट दिखाई जो एक जनवरी 2026 की आईपीआर के मुताबिक 1.59 करोड़ रुपए हो गई। यानी दो साल में उन्होंने इसमें करीब 45 लाख रुपए और लगाए।इसके अलावा झारखंड के धनबाद में पैतृक मकान में उनकी आधी हिस्सेदारी है। मोहाली में आई ए एस पीसीएस को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी का एक प्लॉट भी उनके नाम पर है। उनकी बेसिक सैलरी भी बढ़ी है। 2024 में उनका मूल वेतन 1.93 लाख रुपए था, जो 2026 में बढ़कर 2.11 लाख रुपए हो गया। बैंक घोटाले का मामला फरवरी 2026 में सामने आया था। आई डी एफ सी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के 8 विभागों की जमा राशि को फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट्स के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया।
हरियाणा सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने यह जांच राज्य विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी। अब तक एजेंसी इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें आई डी एफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 कर्मचारी, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल बताए गए हैं। इस घोटाले का मास्टरमाइंड आई डी एफ सी फर्स्ट बैंक का तत्कालीन मैनेजर रिभव ऋषि है। वह पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।
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