शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आज घोषणा की है कि 2027 में सरकार बनने के बाद अकाली दल की अगली सरकार कंडी हलके के लिए एक विशेष औद्योगिक पैकेज लागू करेगी और कंडी हलका विकास मंत्रालय स्थापित किया जाएगा।
अकाली दल अध्यक्ष ने वरिष्ठ नेता हरमिंदर सिंह संधू के साथ विशाल रैली को संबोधित किया। जहां भारी बारिश के बावजूद लोग पंडाल में बैठे रहे। अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि कंडी बेल्ट के लिए एक विशेष औद्योगिक पैकेज लागू किया जाएगा, जिसमें बिजली और टैक्स सब्सिडी शामिल है और साथ ही सड़क संपर्क सुधार के लिए पठानकोट से चंडीगढ़ और अमृतसर से आनंदपुर साहिब तक दोहरे राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा।
सरदार सुखबीर सिंह बादल ने घोषणा की कि पार्टी की सरकार बनने के बाद अकाली दल कंडी क्षेत्र विकास मंत्रालय का गठन भी करेगा। उन्होने कहा,‘‘ मंत्रालय कंडी बेल्ट के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा और सरकारी टयूबवैल स्थापित करने और किसानों को ड्रिप सिंचाई और भूमिगत पाइप सुविधाएं प्रदान करेगा।’’
उन्होने कहा,‘‘ हम कानून लागू करने और कारोबार के लिए रियायतें देने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि 2027 में राज्य में निवेश को गति देना और उद्योग कम से कम 75 फीसदी पंजाबियों को कर्मचारियों के रूप में रोजगार देना सुनिश्चित किया जा सके।’’
शिरोमणी अकाली दल की सरकार बनने के बाद पंजाब के लिए अपनी सोच सांझा करते हुए सरदार बादल ने घोषणा की कि एक वल्र्ड स्क्लि यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी जो हर साल एक लाख नौजवानों को कौशल प्रदान करेगी और हर जिले में इसके केंद्र स्थापित किए जाएंगें। उन्होने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल और पशु चिकित्सा काॅलेज खोला जाएगा और नौजवानों को 10 लाख रूपये का ब्याज मुक्त कर्जा देने, आटा-दाल योजना को दोबारा शुरू करने , बुढ़ापा पेंशन को बढ़ाकर 3100 रूपये प्रति माह और शगुन भत्ता बढ़ाकर 1 लाख रूपये किए जाने की घोषणा की। उन्होने यह भीघोषणा की कि सरकारी नौकरियां केवल पंजाबियों को ही दी जाएंगी और डेयरी और अन्य पशुपालन कारोबार की स्थापना के लिए 75फीसदी सब्सिडी दी जाएगी।
इस अवसर पर शिरोमणी कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने संबोधित करते हुए बताया कि किस तरह न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जोरा सिंह, जिन्हे बेअदबी की घटनाओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया था, उन्होने खुलासा किया कि राज्य में बेअदबी की घटनाओं के पीछे अरविंद केजरीवाल का हाथ था। डाॅ. दलजीत सिंह चीमा और हीरा सिंह गाबड़िया ने भी इस अवसर पर संबोधित किया। मंच पर सोहन सिंह ठंडल, वरिंदर सिंह बाजवा, लाली बाजवा, लक्खी उरमूर टांडा, सुरिंदर सिंह भुल्लेवाल रथन, अरविंदर सिंह रसूलपूर, अमरीक सिंह बल्लोवाल और के एस मक्खन भी मौजूद थे।