*क्यों अदालतों में नहीं टिक पा रहे नशा तस्कर: पंजाब का पुलिसिंग मॉडल देशभर में नशा विरोधी मामलों में सजा दिलाने में अग्रणी*

Apr4,2026 | Jagrati Lahar Bureau | Chandigarh

  1. *क्यों अदालतों में नहीं टिक पा रहे नशा तस्कर: पंजाब का पुलिसिंग मॉडल देशभर में नशा विरोधी मामलों में सजा दिलाने में अग्रणी*



चंडीगढ़, 4 अप्रैल:


पंजाब की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम को न केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी के आधार पर बल्कि अदालतों द्वारा उन्हें सख्त सजा दिलाने में लाई जा रही तेजी के रूप में भी परिभाषित किया जा रहा है। यह नशों के खिलाफ रणनीतिक दृष्टिकोण के जरिए राज्य में आ रहे निर्णायक बदलाव का स्पष्ट संकेत है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार के समर्थन से इस मुहिम को लागू करने वाली एजेंसियां अब कानूनी रूप से मजबूत केस तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, ताकि तस्करों को पकड़कर उन्हें कड़ी सजा दिलाना सुनिश्चित किया जा सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामलों में पंजाब की 88 प्रतिशत सजा दर, जो देश में सबसे अधिक है, बेहतर और योजनाबद्ध पुलिसिंग का परिणाम है। इसमें अभियोजन-आधारित जांच, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र करना, नशा नेटवर्क की वित्तीय ट्रैकिंग और तकनीक-आधारित खुफिया जानकारी जुटाना शामिल है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में अदालतों द्वारा निपटाए गए 4812 एनडीपीएस मामलों में से 3870 मामलों में सजा हुई, जो 80 प्रतिशत सजा दर दर्शाता है। वर्ष 2023 में 6976 मामलों में से 5635 में सजा हुई और यह आंकड़ा 81 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसी तरह वर्ष 2024 में 7281 मामलों में से 6219 में दोष तय हुये, जिससे सजा दर 85 प्रतिशत तक पहुंच गई। वर्ष 2025 में 7373 मामलों में से 6488 दोषी पाए गए, जिससे यह दर 88 प्रतिशत तक पहुंच गई। वर्ष 2026 में अब तक फैसला किये गए 1831 मामलों में से 1634 दोषियों को सजा हुई है, जिससे यह दर 89 प्रतिशत हो गई है, जो देश में सबसे अधिक है।

ये परिणाम ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के तहत चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों के कारण संभव हुए हैं, जिसने प्रवर्तन एजेंसियों को मजबूत नीतिगत दिशा और संस्थागत समर्थन प्रदान किया है। इसका मुख्य उद्देश्य नशा विरोधी प्रयासों में बरामदगी और गिरफ्तारी से आगे बढ़कर समयबद्ध सजा सुनिश्चित करना है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस सफलता का कारण पुलिसिंग के मूल तरीके में लाया गया बदलाव है। पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें जेल भी भेजा जाए। अब पुलिस तकनीकी और आधुनिक तरीकों से जांच करती है और उच्चतम कानूनी मानकों को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार केस तैयार किया जाता है कि अदालत में मजबूत पैरवी हो सके। उन्होंने आगे कहा, “नशा जब्ती से लेकर दस्तावेजीकरण और फॉरेंसिक जांच तक हर कदम पर एनडीपीएस प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाता है, ताकि कोई भी तस्कर तकनीकी खामियों के कारण सजा से बच न सके।”

अधिकारियों ने बताया कि उच्च सजा दर प्रणालीगत हस्तक्षेप का स्पष्ट परिणाम है, जिसमें संरचित और योजनाबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में जांच अधिकारियों को सर्वोत्तम प्रथाओं से अवगत कराना, 60-बिंदुओं वाली जांच चेकलिस्ट के साथ विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लागू करना और अदालतों में मामलों के प्रभावी प्रबंधन के लिए ट्रायल स्पेशल अधिकारियों की नियुक्ति शामिल है।

इस दौरान राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, पटियाला के साथ एक महत्वपूर्ण संस्थागत साझेदारी भी स्थापित की गई है, जहां सभी जांच अधिकारियों के लिए छह दिन का अनिवार्य प्रमाणन प्रशिक्षण आवश्यक है। जांच की गुणवत्ता सुधारने के लिए 400 से अधिक आईओ पहले ही विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।

यह देखते हुए कि एनडीपीएस एक्ट भारत के सबसे सख्त आपराधिक कानूनों में से एक है, जिसमें तलाशी, जब्ती और साक्ष्य प्रबंधन को नियंत्रित करने वाले कठोर प्रक्रियात्मक प्रावधान शामिल हैं, अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि छोटी-छोटी गलतियां भी कई बार मामलों को कमजोर कर सकती हैं। इसलिए पंजाब पुलिस ने वैज्ञानिक जांच विधियों और सख्त चेन-ऑफ-कस्टडी प्रोटोकॉल में जांच अधिकारियों को प्रशिक्षित करने में भारी निवेश किया है, ताकि साक्ष्य कानूनी रूप से मजबूत बने रहें।

सजा दर में इस उल्लेखनीय वृद्धि का एक बड़ा कारण तकनीक और नागरिक भागीदारी से समर्थित खुफिया-आधारित पुलिसिंग दृष्टिकोण को अपनाना भी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और गुमनाम सूचना प्रणाली के माध्यम से लोगों को नशा तस्करी से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे संगठित नशा नेटवर्क को खत्म करने में मदद मिल रही है।

अधिकारियों ने नशा तस्करी के आर्थिक आधार को निशाना बनाते हुए वित्तीय जांच को भी तेज किया है। ड्रग मनी के माध्यम से प्राप्त की गई संपत्तियों को जब्त करने और फ्रीज़ करने के लिए कानूनी प्रावधानों का उपयोग बढ़ाया गया है और पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों करोड़ों की संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त किया गया है।

अधिकारी ने कहा, “नशीले पदार्थों की तस्करी आखिरकार पैसे से ही चलती है। वित्तीय ट्रायल का पता लगाकर और अवैध संपत्तियों को जब्त करके, हम इन नेटवर्कों की आर्थिकता की रीढ़ तोड़ रहे हैं। इससे अदालत में हमारे मामलों को भी मजबूती मिलती है क्योंकि यह तस्करों और संगठित नशा व्यापार के बीच स्पष्ट संबंध स्थापित करता है।”

अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि हर साल हजारों एनडीपीएस मामले दर्ज किए जाते हैं और हजारों तस्करों को गिरफ्तार किया जाता है, लेकिन केवल प्रवर्तन के आंकड़े ही सफलता को नहीं दर्शाते। उन्होंने कहा, “असली रोकथाम सजा की निश्चितता है। जब तस्करों को यह एहसास होता है कि गिरफ्तारी लगभग निश्चित रूप से सजा और संपत्ति के नुकसान तक ले जाएगी, तो सभी को यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि नशा कारोबारियों की अंतिम मंजिल जेल ही है।”

अधिकारी ने आगे कहा कि यह व्यापक इकोसिस्टम दृष्टिकोण, जो प्रवर्तन, वित्तीय जांच, सामुदायिक खुफिया और पुनर्वास को जोड़ता है, नशीले पदार्थों की आपूर्ति और मांग को कमजोर करने में मदद कर रहा है। जांचकर्ताओं, वकीलों और फॉरेंसिक प्रणालियों को एक समन्वित ढांचे में जोड़ने से अदालतों में पेश किए जाने वाले मामलों की गुणवत्ता में भी काफी सुधार हुआ है।

अधिकारी ने कहा, “हमारी पहुंच सरल और स्पष्ट है: हर मामला कानूनी रूप से मजबूत, साक्ष्य-आधारित और मुकदमे की कसौटी पर खरा उतरने योग्य होना चाहिए। सजा की दर जांचकर्ताओं और वकीलों की कड़ी मेहनत तथा नशों के खिलाफ इस लड़ाई में नागरिकों के समर्थन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”

अधिकारी का मानना है कि भले ही पंजाब, भारत में नशा तस्करी के प्रमुख मार्गों में से एक है, लेकिन विकसित हो रही यह रणनीति संगठित नशा नेटवर्कों से निपटने के लिए अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकती है।

अधिकारी ने कहा, “संदेश स्पष्ट है: नशीले पदार्थों के तस्करों को न केवल गिरफ्तार किया जाएगा बल्कि उन्हें सजा और उन्हें अवैध संपत्तियों के नुकसान का भी सामना करना पड़ेगा। यही सबसे मजबूत रोकथाम है जो हम प्रदान कर सकते हैं।”
-----------

Why-Drug-Traffickers-Are-Losing-In-Court-Inside-Punjab-s-Policing-Model-That-Is-Delivering-India-s-Highest-Conviction-Rate-For-Drugs



TOP HEADLINES


फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ टुर्कू के साथ पंजाब की साझेद
मां बगलामुखी जयंति पर मां बगलामुखी धाम में पावन जयंति
लुधियाना में ट्यूशन मार्केट के पास ट्रैफिक पुलिस ने चल
*पंजाब सरकार द्वारा अगमपुर पुल की सुरक्षा के लिए 19.72
प्रेसिजन एंड प्वाइज़: इनोसेंट हार्ट्स स्पोर्ट्स हब लोह
पंजाब का नशों विरूद्ध युद्ध: मान सरकार के अधीन कार्रवा
पूर्व मन्त्री भारत भूषण आशु की सास श्रीमति कमलेश शर्मा
*अमृतसर में बड़ा राजनीतिक बदलाव: कांग्रेस, Aap और अकाल
वड़िंग ने पूरे पंजाब में लग रहे भारी बिजली के कटों की
सीबीएसई एफ़िलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन (casa), जालंधर ने
इनेलो ने घोषित किए दो मेयर पद के प्रत्याशी एडवोकेट आंन
भगवंत मान सरकार द्वारा पाठ्य पुस्तकों के वितरण में एका
*बरिंदर कुमार गोयल द्वारा गांव ओइंद में नहरी पानी लिफ
सुनील जाखड़ के बयान पर नील गर्ग का पर पलटवार- जिन्होंन
मंडियों में सुविधाओं और खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लेने
सीमा पार से चल रहे नशे और हथियारों की तस्करी मॉड्यूल क
गैंगस्टरा ते वार के 92 दिन पूरे, संगठित अपराध के खिलाफ
*बरिंदर कुमार गोयल द्वारा अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम,
*पूर्व सैनिकों की भलाई के मामलों में कोई ढिलाई बर्दाश्
*पंजाब श्रम कल्याण बोर्ड ने 7831 औद्योगिक श्रमिकों को

Run by: WebHead
National Punjab International Sports Entertainment Health Business Women Crime Life style Media Politics Religious Technology Education Nri Defence Court Literature Citizen reporter Agriculture Environment Railway Weather Sikh Animal Pollution Accident Election Mc election 2017-18 Local body Art Litrature Financial Tax Happy birthday Marriage anniversary Transfer Lok sabha election-2019 Uttar pradesh Kisan andolan Haryana

About Us


Jagrati Lahar Editor Image

Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.

Gautam Jalandhari (Editor)

Subscribe Us


Vists Counter

HITS : 49897245

Hindi news rss fee image RSS FEED

Address


Jagrati Lahar
Jalandhar Bypass Chowk, G T Road (West), Ludhiana - 141008.
Mobile: +91 161 5010161 Mobile: +91 81462 00161
Land Line: +91 161 5010161
Email: gautamk05@gmail.com, @: jagratilahar@gmail.com
Share your info with Us