पंजाब की आढ़ती एसोसिएशन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से की मुलाकात
Apr4,2026
| Davinder Jain | Jagraon
पंजाब सरकार की नीतियों पर जताई चिंता, मंडी प्रणाली पर खतरे की चेतावनी
जगराओं/चंडीगढ़, 04 अप्रैल (दविंदर जैन), फोटोग्राफ: अश्वनी शर्मा
चंडीगढ़ में पंजाब की आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर पंजाब सरकार की नीतियों को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नई नीतियों के कारण आढ़तियों के कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
आढ़तियों ने कहा कि पंजाब में लगभग 40 हजार आढ़ती हैं, जिनके साथ लाखों मुंशी और कर्मचारी जुड़े हुए हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो यह मामला बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वह कई बार पंजाब का दौरा कर चुके हैं और वहां हर वर्ग के किसान, व्यापारी और मजदूरों की समस्याओं को नजदीक से देखा है।
उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया, जिससे संबंधित वर्गों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा नीतियां राज्य की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर रही हैं।
आढ़तियों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि ये किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां किसानों को समय-समय पर फसलों का भुगतान सीधे एमएसपी (MSP) पर किया जाता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आढ़तियों का कमीशन घटाया गया या समाप्त किया गया, तो इसका सीधा असर मंडी प्रणाली पर पड़ेगा। हरियाणा में जहां आढ़तियों को प्रति क्विंटल लगभग 55 रुपये कमीशन मिलता है, वहीं पंजाब में यह करीब 9 रुपये ही है, जो काफी कम है।
आढ़ती एसोसिएशन ने कहा कि वे लंबे समय से किसानों से जुड़े हुए हैं और मंडी प्रणाली में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि आढ़तियों के हितों की रक्षा करते हुए उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।
इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के कई नेता और आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य भी मौजूद थे।
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