इनेलो ने घोषित किए दो मेयर पद के प्रत्याशी एडवोकेट आंनद खत्री सोनीपत, मनोज अग्रवाल पंचकूला मेयर प्रत्याशी
Apr23,2026
| Rajender Singh Jadon | Chandigarh
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़, 23 अप्रैल।इंडियन नेशनल लोकदल की ओर से गुरुवार को सोनीपत और पंचकुला मेयर पद के प्रत्याशी घोषित कर दिए गए।पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रत्याशियों की घोषणा की। अभय सिंह के अनुसार एडवोकेट आनंद खत्री को सोनीपत और मनोज अग्रवाल को पंचकूला मेयर प्रत्याशी तय किया गया है।
अभय सिंह ने कहा कि अम्बाला के मेयर प्रत्याशी का ऐलान भी शीघ्र किया जाएगा।इस दौरान मीडिया से बातचीत में अभय सिंह ने प्रदेश के कई मुद्दे उठाए।
उन्होंने गेहूं खरीद के मुद्दे पर कहा हमने अपने कार्यकर्ताओं की मंडियों में ड्यूटी लगाई थी और किसान कष्ट निवारण केंद्र खोले ताकि किसानों को कोई समस्या न आए। हमने सरकार से कहा था कि बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त ना लगाई जाए। लेकिन सरकार ने बायोमेट्रिक सत्यापन करवाना अनिवार्य कर दिया। इससे किसानों को बहुत परेशानी आई। किसानों की गेहूं का उठान नहीं हो रहा था और किसानों के खाते में पैसे नहीं आ रहे थे। सरकार की कोशिश तो यही थी कि कि किसानों की गेहूं अंबानी और अडानी के साईलोस में जाए और वह कमियां निकाल कर फसल को कम कीमत पर खरीदें। लेकिन हमने संघर्ष किया जिससे सरकार दबाव में आई। इसके बाद अब मंडियों में गेहूं खरीद की जा रही है।
हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने के सवाल पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विशेष सत्र बुलाया है जिसमें महिला बिल को लेकर विपक्ष की निंदा का प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री के पास यह निंदा प्रस्ताव लाने का समय है। लेकिन किसानों के लिए नहीं। अगर निंदा प्रस्ताव लाना ही था तो सरकार की कमियां और खामियों के बारे में लाना चाहिए था। किसानों को जो दिक्कतें आई है। उसके लिए कहा जाना था कि आगे से किसानों को ऐसी समस्याएं नहीं आएगी। जो बिल लोकसभा में गिर गया उसकी चर्चा यहां पर करने का क्या मतलब है। भाजपा सरकार महिला आरक्षण बिल पर राजनीति कर रही थी। जिसमें वह सफल नहीं हुए। इसको लेकर मैं पूरे विपक्ष को बधाई देता हूं कि उन्होंने भाजपा की मंशा को पूरा नहीं होने दिया।
सरकार ने किसानों के लिए एक समस्या और खड़ी कर दी। किसान की जमीन की जो रजिस्ट्री होती है उसकी फीस 503 रुपए होती है और अगर किसान की एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाती है तो यह फीस भी जब्त हो जाती है। रजिस्ट्री के लिए 3 दिन का समय रखा गया है। जिसमें कई अलग-अलग अधिकारियों के पास जाना पड़ता है। पोर्टल पर अपडेट भी करना पड़ता है। पोर्टल का सर्वर कब डाउन हो जाए यह पता नहीं चलता। पोर्टल की वजह से किसानों को मंडियों में भी बहुत परेशानी हो रही है। पहले जमीन पैमाइश का काम आसान था। अब सरकार ने इसके लिए 32 करोड़ रुपए खर्च कर के 300 रोवर मशीने खरीद ली। लेकिन वो तीन साल से खड़ी हैं। इनके पास उन्हें चलाने के लिए लोग ही नहीं है। ये मशीनें सिर्फ कमीशन खाने के लिए खरीदी गई थी। प्रदेश में पैमाइश के लिए 4000 लोगों ने अप्लाई किया था। जिसमें से सिर्फ 40 लोगों की जमीन की पैमाइश ही हो पाई है।
बंगाल चुनाव को लेकर अभय सिंघ ने कहा कि भाजपा प्रजातंत्र को कुचलना चाहती है। लेकिन भाजपा जितना लोगों को दबाने का का काम करेगी लोगों में उतना ही रोष बढ़ेगा। भाजपा ने बंगाल में फोर्सेस को लगाकर डराने की कोशिश की है। मुझे नहीं लगता कि भाजपा वहां पर जीत हासिल कर सकती है वहां पर ममता बनर्जी ही जीत दर्ज करेगी।
बीबीएमबी को लेकर कहा कि जब हमारा अधिकारी वहां नहीं होगा तो हमारी पैरवी कौन करेगा। सरकार को इस बारे में चर्चा करनी चाहिए। पंजाब में भाजपा का कोई वजूद नहीं है। मुख्यमंत्री को हरियाणा में कोई नहीं बुलाता तो वो पंजाब चले जाते हैं।
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