भगवंत मान सरकार के उद्यमिता मानसिकता/व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तहत, विद्यार्थी पहले से ही उद्यमिता का अध्ययन कर रहे हैं और सक्रिय रूप से व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं, जिनमें से कई आय अर्जित कर रहे हैं और कई मजबूत विकास की संभावनाएं प्रस्तुत कर रहे हैं
छोटे स्तर पर मशरूम की खेती से लेकर डिजिटल सेवा उद्यमों तक, सरकारी आईटीआई और पॉलिटेक्निक के युवा उद्यमी पंजाब में नई उद्यमिता लहर को उजागर कर रहे हैं
भगवंत मान सरकार ने युवा उद्यमियों को बिजनेस मॉडलिंग, गो-टू-मार्केट रणनीति, यूनिट इकॉनॉमिक्स और उद्यम प्रमाणीकरण में संरचित प्रशिक्षण देने के लिए सरकार ने इनोवेशन मिशन पंजाब और सफल स्टार्टअप उद्यमियों को एक मंच पर लाया
त्रैमासिक श्रृंखला के रूप में पहली बार, पंजाब सरकार ने राज्यभर के सरकारी आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों से छात्र-नेतृत्व वाले उद्यमों की श्रृंखला तैयार की
आईटीआई और पॉलिटेक्निक में 36,139 विद्यार्थी वास्तविक व्यावसायिक विचारों का कर रहे अध्ययन और सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं; विशेष बूटकैंप के लिए 40 वास्तविक उद्यमों की पहचान की गई
चंडीगढ़, 1 मार्च:
भगवंत मान सरकार ने राज्य के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला बनाने वाले पारंपरिक शिक्षा मॉडल को बदलकर उन्हें योजनाबद्ध तरीके से रोजगार सृजनकर्ता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी दृष्टिकोण के तहत, पंजाब सरकार द्वारा राज्यभर के सरकारी आईटीआई और सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों से चयनित 40 उच्च संभावनाशील युवा उद्यमियों के लिए महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एमजीसीपा), चंडीगढ़ में पहला दो-दिवसीय आवासीय स्टूडेंट एंटरप्रेन्योरशिप बूटकैंप आयोजित किया गया।
यह केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि एक त्रैमासिक श्रृंखला की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य युवा-नेतृत्व वाले उद्यमों का निर्माण करना और यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब में तकनीकी शिक्षा सीधे व्यापार वृद्धि, आय सृजन और स्थानीय रोजगार के अवसरों से जुड़ी हो।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 322 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्यमिता मानसिकता/व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया है, जिनमें 137 सरकारी आईटीआई और 26 सरकारी पॉलिटेक्निक शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थी केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक व्यावसायिक विचारों का विकास भी करें।
आज पंजाब भर में 36,139 विद्यार्थी (28,967 आईटीआई से और 7,172 पॉलिटेक्निक से) केवल सैद्धांतिक रूप से उद्यमिता का अध्ययन नहीं कर रहे, बल्कि एक संरचित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यावसायिक विचारों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे वास्तविक ग्राहकों की समस्याओं की पहचान कर रहे हैं, उत्पाद एवं सेवाएं डिज़ाइन कर रहे हैं, विचारों का परीक्षण कर रहे हैं, प्रोटोटाइप बना रहे हैं, ग्राहकों तक पहुंच बना रहे हैं और राजस्व अर्जित कर रहे हैं।
पहले बूटकैंप के लिए 40 वास्तविक छात्र-नेतृत्व वाले उद्यमों का चयन किया गया है, जो खुदरा, पेशेवर सेवाएं, ई-कॉमर्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म, इंजीनियरिंग सेवाएं, निर्माण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं।
बूटकैंप के लिए चयनित 40 युवा उद्यमियों (20 सरकारी आईटीआई और 20 सरकारी पॉलिटेक्निक से) का चयन कोर्स पूर्णता, असाइनमेंट की गुणवत्ता, व्यावसायिक विचार की स्पष्टता, ग्राहक तक पहुंच के प्रयास, प्रोटोटाइप निर्माण, सेवा प्रदान करने और राजस्व सृजन के आधार पर किया गया। ये प्रतिभागी अमृतसर और गुरदासपुर से लेकर फिरोजपुर और फाजिल्का तक; लुधियाना और बठिंडा से रूपनगर और एस.ए.एस. नगर तक पूरे पंजाब का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
यह उल्लेखनीय है कि इस पहल से पहले ही आय सृजन शुरू हो चुका है। जहां कुछ उद्यम विचार या परीक्षण चरण में हैं, वहीं कई उद्यमी पेशेवर सेवाओं, खुदरा और उत्पाद-आधारित उद्यमों से प्रति माह 5,000 से 12,000 रुपये तक कमा रहे हैं। यह स्पष्ट व्यवहारिक परिवर्तन को दर्शाता है, जहां युवा प्रवेश-स्तर की नौकरियों की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं रोजगार सृजित कर रहे हैं।
सरकारी आईटीआई मुक्तसर का एक युवा उद्यमी स्थानीय उपभोक्ताओं, दुकानों और रेस्टोरेंटों को सीधे आपूर्ति करने वाला छोटा मशरूम उत्पादन व्यवसाय चला रहा है। सरकारी आईटीआई बठिंडा का एक अन्य युवा उद्यमी जैविक स्किनकेयर पहल के तहत हाथ से बने साबुन और हर्बल हेयर ऑयल तैयार कर रहा है और इंस्टाग्राम तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से उनका विपणन कर रहा है। सरकारी आईटीआई (महिला), एसएएस नगर (मोहाली) का एक कॉस्मेटोलॉजी विद्यार्थी नेल स्टूडियो चला रहा है, जिसकी मार्केटिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही है। सरकारी आईटीआई लुधियाना का एक रेफ्रिजरेशन एवं एयर-कंडीशनिंग विद्यार्थी जस्टडायल जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर एसी मरम्मत एवं रखरखाव सेवा चला रहा है। अन्य उद्यमों में ऑनलाइन ट्यूशन सेवाएं, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन खुदरा, टेलरिंग और डिजिटल कंटेंट निर्माण शामिल हैं।
ये उदाहरण दर्शाते हैं कि किस प्रकार तकनीकी कौशलों को सीधे आजीविका के अवसरों में बदला जा रहा है।
दो दिवसीय आवासीय बूटकैंप इन उद्यमों को और मजबूत करेगा। पहले दिन बिजनेस मॉडल कैनवस के माध्यम से समस्या की पहचान, मूल्य प्रस्ताव, ग्राहक वर्ग, राजस्व स्रोत और लागत संरचना पर ध्यान केंद्रित किया गया। दूसरे दिन बाजार में प्रवेश रणनीति, ग्राहक अधिग्रहण, मार्केटिंग सामग्री (ब्रॉशर/पिच डेक) निर्माण तथा मूल्य निर्धारण और वित्तीय व्यवहार्यता पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन छात्र उद्यम प्रदर्शनी के साथ हुआ, जहां इन युवा उद्यमियों ने अपने उद्यम प्रस्तुत किए और संरचित प्रतिक्रिया प्राप्त की।
इनोवेशन मिशन पंजाब के माध्यम से इस बूटकैंप को संचालित किया गया और कार्यक्रम में उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषज्ञता सुनिश्चित की गई। चार स्थापित उद्यमियों ने व्यापार की स्थापना, संचालन और विस्तार के संबंध में व्यावहारिक जानकारी साझा करने के लिए बातचीत करेंगे। इन भागीदारों में सी एस सॉफ्ट सालयुशन इंफोटेक से श्री छोटू शर्मा, विज़न ए आई से श्री पुनीत जिंदल, डिज़ीवाह से श्री बिपनजीत सिंह और नेचकिन से श्रीमती मनपिंदर कौर शामिल हैं।
सरकारी आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्यमिता को शामिल कर तथा युवाओं को कक्षा से बाहर मार्गदर्शन और अनुभव प्रदान कर, भगवंत मान सरकार पंजाब की शिक्षा प्रणाली में एक संरचनात्मक परिवर्तन सुनिश्चित कर रही है। तकनीकी शिक्षा अब केवल प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह व्यवसायिक स्वामित्व, आय सृजन और स्थानीय रोजगार निर्माण का माध्यम बन रही है।
यह पहल एक व्यापक नीति को दर्शाती है, जिसके तहत पंजाब के युवा सीमित नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के बजाय स्वयं और दूसरों के लिए अधिकतम नए रोजगार अवसर सृजित करेंगे।
Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.
Gautam Jalandhari (Editor)