हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन के लेखा अधिकारी ने सचिवालय की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली
May4,2026
| Rajender Singh Jadon | Chandigarh
चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय की 8वीं मंजिल से कूदकर एक अधिकारी ने सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान पंचकूला के रहने वाले बलवंत सिंह (44) के तौर पर हुई है। वह पंचकूला में सेक्टर-6 स्थित हरियाणा पावर जनरेशन कॉपोर्रेशन लिमिटेड में बतौर अकाउंट ऑफिसर तैनात थे। मूलरूप से झज्जर जिले के रहने वाले थे।
सोमवार सुबह वह विजिटर पास बनवाकर कॉरपोरेशन के एक अधिकारी से मिलने सचिवालय आए थे। यह भी सामने आया है कि 590 करोड़ रु के आई डी एफ सी बैंक घोटाले में बलवंत सिंह से एक दौर की पूछताछ हो चुकी थी। अब दूसरे दौर की पूछताछ होनी थी। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। हालांकि, इस घोटाले में बलवंत की क्या भूमिका थी, यह सामने नहीं आया।सोमवार को ही बैंक घोटाले में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अमित दीवान को बर्खास्त किया गया है। आरोप है कि दीवान ने बैंक कर्मियों के साथ मिलकर खाते खोले और 50 करोड़ रु का फर्जी लेनदेन दिखाया।
बलवंत सिंह का विजिटर पास भी सामने आया है, जो सुबह 9:42 बजे जनरेट हुआ था। पास में उन्होंने पांचवीं मंजिल पर स्थित हरियाणा पावर जनरेशन कॉपोर्रेशन के कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स से ऑफिशियल वर्क के तहत मिलने का कारण बताया था। सचिवालय में उनकी एंट्री 10:22 पर हुई थी।
दोपहर 3 बजे उन्होंने आठवीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही सचिवालय में तैनात पुलिस कर्मचारी और अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा। डॉक्टरों की टीम ने घटनास्थल पर व्यक्ति की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को एम्बुलेंस से सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल भिजवाया गया। साथ ही मृतक के परिवार को घटना की जानकारी दी गई है।
सीएफओ अमित दीवान और अकाउंट ऑफिसर बलवंत सिंह, पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लि में तैनात थे। वर्तमान में अमित दीवान अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है। उसे 18 मार्च को एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। दीवान पर आरोप है कि उसने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आई डी एफ सीफर्स्ट बैंक में गलत मंशा से दो खाते खुलवाए और मुख्य आरोपी रिभव ऋषि के साथ मिलीभगत कर घोटाले में भूमिका निभाई।
इनमें से एक खाते में 50 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए, जबकि बाद में उसमें फर्जी एफडीआर और अनधिकृत ट्रांजेक्शन पाए गए। संबंधित बैंक उस समय सरकारी पैनल में शामिल नहीं था, फिर भी नियमों को नजरअंदाज कर खाता खोला गया। इस पूरे मामले में बैंक अधिकारियों और अमित दीवान के बीच मिलीभगत की बात सामने आई है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उन्हें रिश्वत के तौर पर करीब 50 लाख रुपए दिए गए।उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने अपने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अमित दीवान को बर्खास्त कर दिया है।
Accounts-Officer-Of-Haryana-Power-Generation-Corporation-Committed-Suicide-By-Jumping-From-The-Eighth-Floor-Of-The-Secretariat-