*पटियाला के ड्राइवर की मां ने कैंसर को हराया ; मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी मुश्किल समय की सहारा*

Apr18,2026 | Jagrati Lahar Bureau | Patiala


*योजना के तहत कवर किया गया 8 लाख रुपये से अधिक का इलाज**

पटियाला के रहने वाले गुरपिंदर जीत सिंह की जिंदगी पांच महीने पहले अचानक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई, जहां हर रास्ता मुश्किल नजर आने लगा था। उनकी 65 वर्षीय माता बलजीत कौर ने गंभीर बीमारी के कारण धीरे-धीरे खाना-पीना छोड़ दिया था। मजबूर और बेबस बेटे के लिए यह सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि रोज टूटती जा रही उम्मीदों का दर्द था।

गुरपिंदर जीत के अनुसार पहले निजी डॉक्टरों के पास दौड़-भाग की गई, फिर मां को राजिंद्रा अस्पताल, पटियाला रेफर कर दिया गया। दवाइयां चलीं, टेस्ट हुए, लेकिन हालत सुधरने की बजाय और गंभीर हो गई। जब रिपोर्ट आई तो जैसे आसमान ही ढह पड़ा—मां को बच्चेदानी का कैंसर था।

गुरपिंदर के लिए यह बहुत मुश्किल घड़ी थी, यह उस मां की जिंदगी का सवाल था जिसने उसे जन्म दिया और पाला-पोसा। आज वह जिंदगी और मौत से जूझ रही थी। बिना देरी किए वह मां को संगरूर के टाटा कैंसर अस्पताल ले गया। इलाज शुरू हुआ, लेकिन पहले ही झटके में 60 हजार रुपये से अधिक खर्च हो गए। एक ड्राइवर की सीमित आय के सामने यह राशि पहाड़ जैसी थी।

गुरपिंदर के मन में एक ही सवाल था—“मां को कैसे बचाऊं?” कर्ज लेने की नौबत भी आ गई थी। तभी, जैसे अंधेरे में एक रोशनी की किरण उसके सामने आई। अस्पताल में उसे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के बारे में पता लगा।

बिना और देरी किए गुरपिंदर ने वहीं रजिस्ट्रेशन करवा लिया। कुछ समय बाद ही उसके मोबाइल पर मैसेज आ गया और स्मार्ट कार्ड बन गया। इसके बाद जो हुआ, वह उसके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। लाखों रुपये का इलाज—जिसमें महंगे टेस्ट, बार-बार कीमोथेरेपी, दवाइयां, ऑपरेशन, आईसीयू, वेंटिलेटर और अस्पताल में रहने-खाने तक का खर्च शामिल था—सारा खर्च सरकार ने उठाया।

गुरपिंदर की आंखें भर आती हैं जब वह कहता है, “मां तो मां होती है… उसे हर हाल में बचाना था। पैसे नहीं थे, लेकिन रब ने इस योजना के रूप में रास्ता दिखा दिया।” डॉक्टरों के लिए भी यह केस बहुत चुनौतीपूर्ण था। कैंसर बच्चेदानी से आगे बढ़कर लीवर और फेफड़ों तक फैल गया था। पहले तीन बार कीमोथेरेपी दी गई, लेकिन शरीर कमजोर होने के कारण साइड इफेक्ट सामने आए। फिर धीरे-धीरे डोज कम करके नौ बार और कीमोथेरेपी दी गई।

इलाज के बाद ट्यूमर एक जगह सिमट गया और डॉक्टरों ने लगभग आठ घंटे लंबा ऑपरेशन करके उसे निकाल दिया। 35 से 40 टांकों के साथ मां ने दर्द सहते हुए भी जिंदगी की डोर थामे रखी। मां ऑपरेशन के बाद दो-तीन दिनों के लिए आईसीयू में और वेंटिलेटर पर रहीं, फिर उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

गुरपिंदर हर वक्त मां के पास बैठा रहता—कभी दवाई देता, कभी सिर सहलाता। आठ दिन अस्पताल में बिताने के बाद जब मां की हालत सुधरने लगी, तो जैसे उनकी दुनिया वापस आ गई। 24 नवंबर 2025 से शुरू हुआ यह सफर अभी भी जारी है। अगले इलाज और जांच के लिए वे मुल्लांपुर स्थित अस्पताल में फॉलोअप के लिए जाएंगे। कुछ दवाइयां जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं, उनका खर्च गुरपिंदर ने खुद उठाया, लेकिन बाकी सारा इलाज योजना के तहत मुफ्त हुआ।

अस्पताल में गायनेकोलॉजी की डॉ. शिवाली ने सर्जरी के डॉक्टरों के साथ मिलकर ऑपरेशन किया। टाटा मेमोरियल के डॉक्टरों के अनुसार, इस सर्जरी पर दवाइयों को मिलाकर कम से कम 8 से 10 लाख रुपये का खर्च हुआ है।

दो बच्चों के पिता और एक साधारण ड्राइवर गुरपिंदर के लिए यह राहत शब्दों से परे है। वह कहता है, “अब सुकून है कि मां बिना इलाज के नहीं मरेगी… सरकार ने हमें उम्मीद दी है।”

यह सिर्फ इलाज की कहानी नहीं, बल्कि एक बेटे के संघर्ष, मां के लिए प्यार और एक ऐसी योजना की कहानी है, जिसने मुश्किल वक्त में सहारा बनकर एक परिवार को टूटने से बचा लिया। यह सफर इस परिवार के लिए गंभीर बीमारी की कठोर हकीकत को बयान करता है, साथ ही यह भी दर्शाता है कि सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं और प्रभावशाली सरकारी मदद कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह यकीनी बनाता है कि आर्थिक तंगी किसी भी व्यक्ति के जीवन बचाने वाले इलाज के रास्ते में रुकावट न बने।

-we-Just-Kept-Going-A-Punjab-Family-s-Journey-Through-Cancer-Debt-Fears-And-Bhagwant-Mann-Govt-s-Mukh-Mantri-Sehat-Yojna-



TOP HEADLINES


*पुडुचेरी के उपराज्यपाल कैलाशनाथन ने सिखों के योगदान औ
वड़िंग ने लॉरेंस ऑफ पंजाब टीवी सीरीज़ पर कड़ा ऐतराज़ ज
Jee Mains Result 2026 : 26 उम्मीदवारों का 100 परसेंटाइ
जंडियाला गुरु में देर रात गोलियों की आवाज़ सुनाई दी अज
*पंजाब सरकार द्वारा आशीर्वाद स्कीम के तहत 728.48 करोड़
*मुख्यमंत्री के प्रयासों को मिलने लगी सफलता, पंजाब सरक
*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा मोहाली में अनुसंधान
लुधियाना पुलिस की ईव-टीजिंग और आवारागर्दों पर कार्रवाई
बिजली मंत्री अनिल विज ने शुरू किया बिजली बिलों की 8200
शायरी के अनोखे रंग में रंगा लुधियाना का नेहरू सिद्धांत
बेअदबी विरोधी कानून पर सुखबीर बादल की चुप्पी बुनियादी
लुधियाना में 6 करोड़ की लॉटरी निकली: दिल्ली निवासी 8
विदेश-आधारित गैंगस्टरों के चार साथी दो पिस्तौलों सहित
*खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने सं
’गैंगस्टरां ते वार का 90वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 46
*श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित काशी या
*विदेशी संबंधों वाला नशा और हथियार तस्करी मॉड्यूल के च
इनोसेंट हार्ट्स, लोहारां ने Avgc पर एक ज्ञानवर्धक वर्क
*गैंगस्टरां ते वार से कई गैंगस्टर नेटवर्कों को खत्म कि
*दरियाओं से जुड़ी हुई है पंजाब की पहचान और अस्तित्व –

Run by: WebHead
National Punjab International Sports Entertainment Health Business Women Crime Life style Media Politics Religious Technology Education Nri Defence Court Literature Citizen reporter Agriculture Environment Railway Weather Sikh Animal Pollution Accident Election Mc election 2017-18 Local body Art Litrature Financial Tax Happy birthday Marriage anniversary Transfer Lok sabha election-2019 Uttar pradesh Kisan andolan Haryana

About Us


Jagrati Lahar Editor Image

Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.

Gautam Jalandhari (Editor)

Subscribe Us


Vists Counter

HITS : 49869604

Hindi news rss fee image RSS FEED

Address


Jagrati Lahar
Jalandhar Bypass Chowk, G T Road (West), Ludhiana - 141008.
Mobile: +91 161 5010161 Mobile: +91 81462 00161
Land Line: +91 161 5010161
Email: gautamk05@gmail.com, @: jagratilahar@gmail.com
Share your info with Us