हरियाणा विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सरकारी प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़,27अप्रैल।हरियाणा विधानसभा के सोमवार को यहां आयोजित एक दिन के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सरकारी प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इससे पहले प्रस्ताव पर हुई चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि विपक्ष ने बेटियों के बढ़ते कदमों को रोका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष चाहता नहीं कि महिलाए राजनीति में स्वतंत्र पहचान बनाए।मुख्यमंत्री ने सदन से अपील भी की कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रस्ताव का समर्थन करे।उन्होंने कहा कि संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जनगणना और परिसीमन की शर्त से मुक्त करने के लिए संविधान का 131वा संशोधन और परिसीमन एवं केंद्र शासित संशोधन लोकसभा में लाए गए थे लेकिन विधेयक को गिराया गया।विपक्ष की संकीर्ण सोच से ऐसा हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष सत्र का बायकॉट करने के बाद कांग्रेस सदस्य विधान भवन परिसर में आपनी परछाई से लड़ रहे है।कांग्रेस सदस्य बाहर सदन के आयोजन का ड्रामा कर रहा।कांग्रेस ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं का विरोध किया। देश की जनता कांग्रेस को माफ नदी करेगी।उन्होंने कहा कि प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव में निंदा शब्द नहीं है और न ही राजनीतिक प्रस्ताव है।लेकिन कांग्रेस के रवैए के विरोध में यह निंदा प्रस्ताव बन गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना और परिसीमन की शर्त जुड़े होने के कारण महिलाओं को 2029के लोकसभा। चुनाव में आरक्षण का लाभ नहीं मिलता इसलिए संशोधन विधेयक लाए गए थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में महिला सशक्तिकरण के लिए लाडो लक्ष्मी योजना लाई गई और इस योजना का कार्ड कभी रद्द नहीं होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सूरत बदल रहे है। वर्ष 2014 के भारत और 2026 के भारत में अंतर है।