राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़, 13 मई । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बार फिर किसान हित में बड़ा निर्णय लेने पर आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री द्वारा विपणन सीजन 2026-27 के लिए सभी अधिसूचित खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी किए जाने का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह निर्णय किसानों की आय दोगुनी करने की सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि धान (कॉमन) का एमएसपी मौजूदा 2369 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि ए-ग्रेड धान का एमएसपी 2389 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2461 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। इसी प्रकार, मूंग दाल का एमएसपी 8768 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8780 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि बाजरा का एमएसपी 2775 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2900 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। रागी का एमएसपी 4886 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5205 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी तरह मक्का का एमएसपी 2400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2410 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। अरहर/तूर का एमएसपी 8000 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8450 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। ज्वार हाइब्रिड का एमएसपी 3699 रुपये से बढ़ाकर 4023 रुपये तथा ज्वार मालदांडी का एमएसपी 3749 रुपये से बढ़ाकर 4073 रुपये किया गया है। उड़द का एमएसपी 7800 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8200 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
इसी प्रकार, मूंगफली का एमएसपी 7263 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 7517 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। सूरजमुखी बीज का एमएसपी 7721 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8343 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। सोयाबीन का एमएसपी 5328 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5708 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। तिल का एमएसपी 9846 रुपये से बढ़ाकर 10346 रुपये तथा निगरसीड (रामतिल) का एमएसपी 9537 रुपये से बढ़ाकर 10052 रुपये किया गया है। इसी प्रकार कपास (मीडियम स्टेपल) का एमएसपी 7710 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8267 रुपये प्रति क्विंटल तथा कपास (लॉन्ग स्टेपल) का एमएसपी 8110 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8667 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि पिछले कई वर्षों से केंद्र सरकार रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए बुवाई सीजन शुरू होने से पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर रही है। सरकार के इस कदम से किसानों को अधिक लाभकारी फसल की बुवाई का विकल्प मिल रहा है।