राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़, 16 अप्रैल। हरियाणा में पिछले सात मार्च को राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ क्रॉस वोटिंग के आरोपी पांच विधायकों को गुरुवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया।यह जानकारी हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने दी।
राज्यसभा चुनाव में दो सीटों के चुनाव में विधायकों की संख्या के आधार पर कांग्रेस की एक सीट पर जीत निश्चित थी।कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध ने जीत तो हासिल की लेकिन उन्हें कांग्रेस के सभी 37विधायकों के वोट नहीं मिले।रिक्त सीट और सदन की कुल सदस्य संख्या के हिसाब से एक सदस्य की जीत 31वोटो से होना थी।दो सीटों में से एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी संजय भाटिया की जीत हुई और दूसरी सीट के लिए भाजपा के समर्थन से उतरे निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल और कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध के बीच मुकाबला था।सतीश नांदल को भाजपा के 48वोटो में से शेष 17वोट और तीन निर्दलीय विधायको का समर्थन प्राप्त था।इसके साथ ही कांग्रेस के पांच विधायकों की क्रॉस वोटिंग हुई।कांग्रेस के चार विधायकों के वोट रद्द किए गए।इंडियन नेशनल लोकदल के दो विधायकों ने मतदान नहीं किया।इस तरह हुए मुकाबले में कर्मवीर बौद्ध ने दशमलव 66वोट से सतीश नांदल को हरा दिया।
हरियाणा में वर्ष 2016और वर्ष 2022के राज्यसभा चुनावों में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशियों के मुक़ाबले कांग्रेस प्रत्याशियों की हार के सिलसिले को कांग्रेस ने इस बार न केवल पलट दिया बल्कि क्रॉस वोटिंग के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए पांचों आरोपी विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलम्बित भी कर दिया।पिछले दो राज्यसभा चुनाव में विधायकों की ओर से की गई गड़बड़ी पर पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।इस बार क्रॉस वोटिंग के आरोपी विधायकों को निलंबित कर कांग्रेस ने अनुशासन तोड़ने वालों को कड़ा संदेश दिया।
राज्यसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव एजेंट थे।पार्टी के हरियाणा प्रभारी वीके हरिप्रसाद पर्यवेक्षक थे। क्रॉस वोटिंग की जानकारी मिलने पर पार्टी हाई कमान ने भूपेंद्र हुड्डा से रिपोर्ट तलब की थी।इस रिपोर्ट में हुड्डा ने पांच विधायकों शैली चौधरी,रेणुबाला,जरनैल सिंह,मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इजराइल को क्रॉस वोटिंग के लिए आरोपित किया था।इन विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।इनमें से मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इजराइल ने नोटिस का जवाब नहीं दिया।शैली चौधरी और रेणुबाला ने अनुशासन समिति के समक्ष उपस्थित होकर सफाई दी थी कि उन्होंने पार्टी प्रत्याशी को ही वोट दिया था।आखिर में पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक की अध्यक्षता में बनी अनुशासन समिति ने भी क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर विचार कर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को भेज दी थी।हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि नारायणगढ़, सढौरा, रतिया, पुनहाना एवं हथीन विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित विधायक क्रमवार श्रीमती शैली चौधरी, श्रीमती रेणु बाला, सरदार जरनैल सिंह, मोहम्मद इलियास तथा मोहम्मद इज़राइल को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद की गई है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि संबंधित विधायकों ने हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध मतदान कर गंभीर अनुशासनहीनता का परिचय दिया, जो संगठनात्मक मर्यादाओं के प्रतिकूल है।राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी के सामूहिक निर्णयों और अधिकृत रुख के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधि पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।