- 12वीं कक्षा में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया ने किया सम्मानित
- पंजाब के स्कूलों में अगले महीने से शुरू होगा ए.आई. पाठ्यक्रम: शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस
- शिक्षा सुधारों के लिए छात्रों और शिक्षकों के सुझावों को दी जा रही है प्राथमिकता: मनीष सिसोदिया
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से देश की प्रगति को मिल रही है नई दिशा
'ब्राइट माइंड्स पंजाब 2026' अभियान के तहत आज गुरु नानक देव भवन, लुधियाना में एक विशाल और प्रेरणादायक समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और शिक्षा प्रणाली में हो रहे आधुनिक बदलावों व सुधारों पर विचार-विमर्श करना था।
इस अवसर पर 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले होनहार छात्रों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। छात्रों की हौसलाअफजाई करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ये बच्चे न केवल अपने परिवारों का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि पंजाब और पूरे देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये मेधावी छात्र आने वाले समय में आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, वकील और अन्य उच्च पदों पर आसीन होकर देश की महान सेवा करेंगे।
शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि यह पहली बार है जब शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव ने खुद छात्रों के बीच बैठकर परीक्षा प्रणाली, पाठ्यक्रम और पढ़ाई के तौर-तरीकों पर खुली चर्चा की है। बच्चों द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दे बेहद व्यावहारिक और समय के अनुकूल हैं, जिन्हें भविष्य की नीतियां बनाते समय लागू किया जाएगा।
स. हरजोत सिंह बैंस ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आज के आधुनिक युग में ए.आई. एक बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है। पंजाब सरकार पिछले एक साल से इस योजना पर लगातार काम कर रही है और अगले महीने से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में 'ए.आई. पाठ्यक्रम' लॉन्च कर दिया जाएगा। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि पंजाब ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी प्रगति करते हुए केरल को पीछे छोड़ दिया है और भारत के शिक्षा सूचकांक में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
समारोह को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का रास्ता वहां की मजबूत शिक्षा प्रणाली से होकर गुजरता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की सबसे पहली जिम्मेदारी है। ए.आई. तकनीक पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जहां इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं कुछ पारंपरिक नौकरियों पर भी इसका असर पड़ेगा। इसलिए हमारे छात्रों को नई तकनीक के अनुरूप तैयार करना बेहद जरूरी है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने, नकल की प्रवृत्ति को रोकने और शिक्षण के नए वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर शिक्षा सचिव सोनाली गिरी ने भी शिक्षकों और छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने नशे, बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली की कमियों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों को अपने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने, अपनी मातृभूमि, समृद्ध संस्कृति और पंजाब के पर्यावरण के संरक्षण के लिए आगे आने का संकल्प भी दिलाया।
यह समारोह शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब को एक नए मुकाम पर ले जाने और छात्रों की आवाज को नीति-निर्माण में महत्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
इस प्रभावशाली समारोह के दौरान क्षेत्रीय विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, स्कूल शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सकतर सिंह बल, अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) डॉ. नरिंदर धालीवाल, उप-मंडल मजिस्ट्रेट (लुधियाना पूर्वी) जसलीन कौर भुल्लर, जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान और मंच संचालक के रूप में नेशनल अवॉर्डी मास्टर करमजीत सिंह ग्रेवाल के अलावा राज्य भर से बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक उपस्थित थे।