लुधियाना (विशाल ):-
पंजाब में वेरका ब्रांड के दूध पाउडर के सैंपल फेल होने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। सरकार ने लुधियाना मिल्क प्लांट के जीएम एस. दलजीत सिंह समेत तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह आदेश शुक्रवार को मिल्कफेड के एमडी राहुल गुप्ता द्वारा जारी किया गया।दरअसल, भारतीय सेना की जांच में सप्लाई किए गए दूध पाउडर के सैंपल फेल पाए गए थे। जांच के दौरान सैंपलों में बाहरी कण मिलने के कारण करीब 125 मीट्रिक टन की खेप को गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने के चलते वापस लौटा दिया गया।
सेना की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि सात दिनों के भीतर संबंधित नमूनों को कार्यालय से उठा लिया जाए, अन्यथा उन्हें अधिकारियों की कमेटी द्वारा नष्ट कर दिया जाएगा और इसके बाद कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।मामले को लेकर विपक्ष ने सख्त कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। विवाद बढ़ने के बाद विभाग ने फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मीडिया के माध्यम से दो सैंपल फेल होने की जानकारी मिली है और वेरका अपने स्तर पर जांच कर रहा है। जरूरत पड़ने पर फूड सप्लाई विभाग भी जांच करेगा।प्रबंधन के अनुसार, भारतीय सेना ने लुधियाना जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (मिल्क यूनियन, लुधियाना) द्वारा भेजी गई दो खेप—58.338 मीट्रिक टन और 66.654 मीट्रिक टन—को रिजेक्ट किया है। इस संबंध में सेना अधिकारियों ने 12 फरवरी और 16 मार्च को पत्र भेजकर जानकारी दी थी।जांच में सामने आई इस गंभीर लापरवाही से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते विभागीय कार्रवाई की गई। सस्पेंड किए गए जीएम दलजीत सिंह का मुख्यालय सस्पेंशन अवधि के दौरान पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन लिमिटेड, चंडीगढ़ रहेगा।आर्मी सर्विस कोर यूनिट के ऑफिसर कमांडिंग द्वारा भेजे गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि वेरका की लुधियाना यूनिट द्वारा सप्लाई किया गया होल मिल्क पाउडर गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसके चलते दोनों बैचों को रिजेक्ट किया गया। इस पत्र की कॉपी रक्षा मंत्रालय के संबंधित विभागों को भी भेजी गई है।