बड़ी धूमधाम से मनाया गया माता छिन्नमस्तिका का प्रकटोत्सव, चिंतपूर्णी धाम में भक्ति का उमड़ा सैलाब
May1,2026
| Paras Dania | Chintapurni Ji/ludhiana
चिंतपूर्णी/लुधियाना 1 मई (पारस दानिया):
पवित्र धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी मंदिर में आज दशमहाविद्याओं में से छठी महाविद्या माता छिन्नमस्तिका का प्रकटोत्सव बड़ी श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और पूरे क्षेत्र में भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन दिन बाबा श्री माई दास जी को माता रानी ने कन्या रूप में दर्शन दिए थे। बताया जाता है कि बाबा श्री माई दास माता रानी के परम भक्त थे। यात्रा के दौरान जब वे थककर एक वट वृक्ष के नीचे विश्राम कर रहे थे, तब माता रानी ने उन्हें कन्या रूप में दर्शन देकर अपने पवित्र स्थान के बारे में अवगत कराया और आशीर्वाद दिया कि उनके वंशज ही सदैव उनकी पूजा-अर्चना करेंगे।
तभी से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है और आज भी बाबा श्री माई दास के वंशज ही मंदिर में माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं। हर वर्ष बैसाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को यह प्रकटोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
इस पावन अवसर पर पुजारी वर्ग (बाबा श्री माई दास के वंशज) द्वारा 24 घंटे का अखंड महायज्ञ आयोजित किया गया, जिसमें विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई । महायज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात माता जी की भव्य चौंकी, दुर्गा स्तुति और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। भजन-कीर्तन और माता के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
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