विधानसभा सत्र छोटा रहने पर परगट सिंह ने जताई चिंता, जनहित के मुद्दों पर चर्चा की जरूरत बताई
Oct22,2026
| Gurvinder Singh Mohali | Chandigarh
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सरदार परगट सिंह ने विधानसभा सत्र के महज नौ मिनट में समाप्त होने पर चिंता जताते हुए कहा कि सदन में पंजाब के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए थी। उन्होंने परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड सहित जनहित से जुड़े मामलों पर सरकार से जवाब देने की मांग की और मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक जिम्मेदारी लेने की अपील की।
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में सरकारी कर्मचारियों, कंप्यूटर शिक्षकों, ईटीटी और पीआरटीसी कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार लोगों की मांगों और राज्य की प्रशासनिक चुनौतियों के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।
उन्होंने विधानसभा की श्रद्धांजलि सूची में परमिंदर सिंह झोटा और हादसे में जान गंवाने वाले मनरेगा मजदूरों के नाम शामिल न होने का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए संबंधित लोगों को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए और इस चूक के कारणों की समीक्षा होनी चाहिए।
झोटा मामले का जिक्र करते हुए परगट सिंह ने नशीले कैप्सूलों की कथित बिक्री, दुकानों पर हुई कार्रवाई और आरोपी को हथियार का लाइसेंस जारी किए जाने से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर उन्होंने कहा कि राज्य में नशे की समस्या से निपटने और पंजाब के हितों की रक्षा के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारों को मिलकर ठोस प्रयास करने चाहिए। उन्होंने झोटा मामले में सीबीआई जांच की मांग पर भी केंद्र सरकार से विचार करने की अपील की।
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के लोगों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर चर्चा और कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राज्य के हितों को प्राथमिकता देने और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से अधिक जवाबदेही की अपेक्षा जताई।
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