23 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप, प्रभावित परीक्षार्थियों को
10-10 लाख मुआवजा और पीड़ित परिवारों को नौकरी या 2 करोड़ रुपये देने की मांग
देश में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ अब पंजाब की सियासत गरमा गई है। लुधियाना कचहरी के बाहर आम आदमी पार्टी (आप) के वर्कर विशाल अवस्थी ने एक अनोखा और आक्रामक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अपने खून से लिखा हुआ मांग पत्र हाथ में लेकर सड़कों पर उतरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्र सरकार से जवाब मांगा।कचहरी परिसर के बाहर विशाल अवस्थी ने स्पष्ट किया कि पंजाब में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे का वे किसी भी तरह विरोध नहीं कर रहे हैं और न ही काले झंडे दिखाकर उनका रास्ता रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतिथि का स्वागत करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ पर जवाब मांगना भी जरूरी है।
विशाल अवस्थी ने कहा कि पेपर लीक देश में भ्रष्टाचार का सबसे गंदा रूप बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के लालच और माफिया तंत्र ने करीब 23 लाख छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्षों बाद भी देश का युवा रोजगार और निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि यूरोप, जापान, अमेरिका और चीन जैसे देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही पेपर लीक और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा या सरकारी नौकरी दी जाए।
इसके अलावा उन्होंने मांग रखी कि परीक्षा में शामिल सभी 23 लाख प्रभावित अभ्यर्थियों को मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक नुकसान और समय की बर्बादी के बदले 10-10 लाख रुपये का हर्जाना दिया जाए, ताकि वे अपने भविष्य को दोबारा संवार सकें।