लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज फूड सेफ्टी टीम ने देहलौं में विशेष नाका लगाकर खाद्य पदार्थों की आवाजाही की गहन जांच की। इस दौरान टीम ने संदेह के आधार पर 3 वाहनों को रोककर उनमें ले जाए जा रहे खाद्य पदार्थों की जांच की।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि विशेष नाके के दौरान फूड सेफ्टी टीम द्वारा पनीर, देसी घी और व्हाइट बटर की जांच की गई। जांच के दौरान संदिग्ध पाए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिए गए और विश्लेषण के लिए फूड लैबोरेटरी भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी सैंपल में निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चावला ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान 175 किलो पनीर मौके पर ही नष्ट करवाया गया। फूड सेफ्टी टीम द्वारा यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि संदिग्ध अथवा मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचकर आम लोगों तक न पहुंच सकें। नष्ट किए गए पनीर का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निपटारा किया गया।
डॉ. आशीष चावला ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा मिलावटी, घटिया या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री और आपूर्ति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जांच, सैंपलिंग और निगरानी प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में फूड सेफ्टी टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर अचानक निरीक्षण और विशेष नाके लगाकर खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों की सप्लाई चेन के स्तर पर ही संदिग्ध एवं असुरक्षित खाद्य सामग्री की पहचान करना और उसे आम लोगों तक पहुंचने से रोकना है।
उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकिंग, लेबल, निर्माण तिथि और एक्सपायरी/बेस्ट बिफोर तिथि की जांच अवश्य करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की मिलावट या संदिग्ध खाद्य पदार्थ के संबंध में जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग अथवा संबंधित फूड सेफ्टी अधिकारियों को सूचित करें।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट एवं इसके तहत निर्धारित नियमों और मानकों का पालन हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा।