लूधियाना (विशाल):-फूड सेफ्टी टीम लुधियाना द्वारा डा आशीश चावला जिला सिहत अफसर की अगुवाई में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान सब्जी मंडी में बिक रहे खाद्य पदार्थों, विशेषकर पनीर और फलों की गुणवत्ता की गहन जांच की गई।
चेकिंग के दौरान फूड सेफ्टी टीम ने मंडी में लगी दुकानों और रेहड़ियों पर बिक रहे पनीर की जांच की। मौके पर कुछ पनीर संदिग्ध और निर्धारित मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर पनीर का एक फूड सैंपल लेकर सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। इसके साथ ही मौके पर मौजूद लगभग 18 किलोग्राम पनीर को तुरंत नष्ट करवा दिया गया ताकि लोगों की सेहत को किसी प्रकार का खतरा न हो।
फूड सेफ्टी अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पनीर विक्रेताओं को सख्त चेतावनी और जागरूकता संदेश देते हुए कहा कि वे गैर-मानक या संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री तुरंत बंद करें। उन्हें यह भी आगाह किया गया कि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा कि ऐसी चेकिंग मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी।
इसके अलावा फूड सेफ्टी विभाग ने बागवानी विभाग और पर्यावरण विभाग के साथ संयुक्त रूप से फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने संबंधी विशेष जांच भी की। डॉ. आशीष चावला की अगुवाई में फूड सेफ्टी अधिकारियों और बागवानी विभाग की टीम ने पपीता, आम और केले के रिपनिंग सेंटरों तथा स्टोरों की जांच की।
चेकिंग के दौरान इथाइलीन गैस के माध्यम से पकाए जा रहे केले और अन्य फलों की मौके पर जांच की गई। टीम ने फल विक्रेताओं और स्टोर मालिकों को जागरूक करते हुए बताया कि गैर-अनुमोदित कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग कर फलों को पकाना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है और यह मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा ऐसे रसायनों का उपयोग किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एकत्र किए गए सभी फूड सैंपल सरकारी प्रयोगशाला में विस्तृत जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फूड सेफ्टी विभाग ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए सब्जियों और फलों की रेहड़ियां लगाने वाले विक्रेताओं से भी अपील की कि वे कटे हुए या पहले से कटे फलों की बिक्री न करें, क्योंकि इससे बैक्टीरिया और अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
इसके साथ ही आम लोगों को भी जागरूक किया गया कि वे हमेशा ताजे, साफ-सुथरे और ढके हुए फल एवं खाद्य पदार्थ ही खरीदें। यदि किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो तो तुरंत फूड सेफ्टी विभाग को सूचित करें, ताकि लोगों की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।