आम जनता को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कमिश्नर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, पंजाब के दिशा-निर्देशों तथा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला के नेतृत्व में फूड सेफ्टी टीम ने समराला और दोराहा क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान मिठाइयों, इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल और तैयार भोजन के कुल छह सैंपल लिए गए। इसके अलावा, लगभग 25 किलोग्राम खराब खाद्य पदार्थों और आटे को नष्ट करवाया गया, ताकि इन्हें मानव उपभोग में आने से रोका जा सके। खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया।
समराला में मिठाइयों के दो सैंपल लिए
फूड सेफ्टी अधिकारी योगेश गोयल के नेतृत्व में समराला में की गई जांच के दौरान एक मिठाई की दुकान से गुलाब जामुन और बेसन बर्फी के दो सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि उनकी गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की पुष्टि की जा सके। इस अवसर पर मिठाई विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि वे मिठाइयां तैयार करने के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल करें। मिठाइयों को साफ-सुथरे वातावरण में तैयार करने, उचित तरीके से ढककर रखने तथा धूल, मक्खियों और अन्य दूषित करने वाले तत्वों से बचाने को सुनिश्चित किया जाए।
दोराहा के दो रेस्टोरेंटों से चार सैंपल लिए
दोराहा में दो रेस्टोरेंटों की जांच के दौरान इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल के तीन सैंपल और आलू की सब्जी का एक सैंपल लिया गया। इस प्रकार पूरे अभियान के दौरान कुल छह सैंपल एकत्र किए गए। रेस्टोरेंट संचालकों को खाना पकाने के तेल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और तेल का बार-बार इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई, क्योंकि इससे उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही रसोई और बर्तनों की नियमित सफाई, सुरक्षित पानी का इस्तेमाल तथा तैयार भोजन को उचित तरीके से सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए।
25 किलोग्राम खराब खाद्य सामग्री और आटा नष्ट करवाया
जांच अभियान के दौरान लगभग 25 किलोग्राम खराब हो चुके तैयार खाद्य पदार्थों और आटे को नष्ट करवाया गया, ताकि ये मानव उपभोग में न आ सकें। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने प्रतिष्ठानों में रखे खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करें और खराब या मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त सामग्री को तुरंत अलग करके निर्धारित नियमों के अनुसार निपटाएं। उन्हें यह भी कहा गया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
एसडीएम कार्यालय समराला में लगाया गया जागरूकता शिविर
फूड सेफ्टी टीम द्वारा उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), समराला के कार्यालय में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें समराला और माछीवाड़ा साहिब क्षेत्र के मिठाई विक्रेताओं, डेयरी संचालकों तथा किराना स्टोर मालिकों ने भाग लिया। शिविर के दौरान डिप्टी मास मीडिया अधिकारी श्री राजिंदर सिंह और फूड सेफ्टी अधिकारी योगेश गोयल ने प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा नियमों, स्वच्छता मानकों और सुरक्षित खाद्य प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रतिभागियों को अच्छी स्वच्छता प्रथाओं (Good Hygiene Practices—GHP) और अच्छी निर्माण प्रथाओं (Good Manufacturing Practices—GMP) के महत्व के बारे में बताया गया। उन्हें खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले स्थानों, रसोई, काउंटरों और बर्तनों की नियमित सफाई करने, खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता सुनिश्चित करने तथा हाथों को सही तरीके से धोने के लिए प्रेरित किया गया। कच्चे और तैयार भोजन को अलग-अलग रखने, दूध, पनीर, खोया और दही जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को उचित तापमान पर स्टोर करने तथा खाना पकाने के तेल का निर्धारित मानकों के अनुसार इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और समाप्ति तिथि की जांच करने की सलाह दी गई। उन्हें अपने कारोबार की प्रकृति और लागू नियमों के अनुसार भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से आवश्यक पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करने तथा संबंधित नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी समझें तथा लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन करना जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
फूड सेफ्टी टीम ने स्पष्ट किया कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा खाद्य कारोबारियों को जागरूक करने के लिए जांच, सैंपलिंग और जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।