राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़ ,4 नवंबर । हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दिवाली पर्व के दौरान प्रदेश के अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने के लिए विशेष सलाह जारी की है। त्योहार के समय पटाखों और अन्य हादसों के कारण जलने और सांस संबंधी समस्याओं के मामलों में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए उन्होंने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में बर्न-वार्ड अलग से तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
आपातकालीन केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में ब्रोंकोडायलेटर्स, ऑक्सीजन सिलेंडर और बर्न ट्रीटमेंट किट जैसी आवश्यक दवाओं व चिकित्सा आपूर्ति का पहले से ही प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा गया है।आतिशबाजी या किसी भी प्रकार की दुर्घटना के शिकार लोगों का त्वरित इलाज संभव हो सके, इसके लिए सभी सरकारी अस्पतालों में 20 से अधिक बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। दिवाली के दिन सामान्य दिनों की तुलना में सड़क हादसों, झुलसने और आंखों की चोटों की घटनाओं में इजाफा होता है, जिसे देखते हुए इमरजेंसी विभाग के अलावा नेत्र रोग (ऑप्थैल्मोलॉजी), आर्थोपेडिक और सर्जरी विभागों में भी बेड सुरक्षित रखे जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया है कि नेत्र रोग, आर्थोपेडिक और सर्जरी विशेषज्ञों को अलर्ट मोड और ऑन-कॉल ड्यूटी पर रखा जाए ताकि पीड़ितों को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके।दिवाली के दिन किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों को तैनात रहने का आदेश जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त बर्न मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर, बेड, आई/वी स्टैंड, आई/वी सोलूशन्स और एंटीबायोटिक्स की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
दिवाली पर्व के दौरान चिकित्सा कर्मियों और विशेषज्ञों को शहर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी तथा आई और ईएनटी विशेषज्ञों की टीमें अस्पतालों में मौजूद रहेंगी। वहीं गंभीर मामलों की त्वरित देखभाल के लिए अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर और आईसीयू में भी विशेष रूप से बेड आरक्षित किए जाएंगे।