पंजाब सरकार द्वारा नशों के खिलाफ शुरू किए गए अभियान ‘युद्ध नशें विरुद्ध’ के तहत स्वास्थ्य विभाग के ड्रग कंट्रोल विंग, सिविल प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सुल्तानपुर लोधी तथा गांव डडविंडी के क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया।
इस टीम में एसडीएम सुल्तानपुर लोधी जसजीत सिंह, एसीपी सुल्तानपुर लोधी धीरेंद्र वर्मा, ड्रग कंट्रोल अधिकारी अनुपमा कालिया, एसएचओ सुल्तानपुर लोधी दविंदर पाल और एसएमओ सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी डॉ. आशीष जेटली शामिल थे। टीम ने क्षेत्र के पांच मेडिकल स्टोरों की जांच की, ताकि दवाइयों से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और नशे की लत लगाने वाली दवाइयों की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
जांच के दौरान किसी भी मेडिकल स्टोर से नशे की लत लगाने वाली दवाइयां बरामद नहीं हुईं।
इसके बाद संयुक्त टीम ने गांव डडविंडी स्थित गौतम गिल क्लीनिक की जांच की। जांच के दौरान क्लीनिक संचालक सरबजीत गिल एलोपैथिक पद्धति से इलाज करने संबंधी कोई वैध रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र पेश नहीं कर सका।
इस उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट, 2019 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की और पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया।
एसडीएम जसजीत सिंह, एएसपी धीरेंद्र वर्मा और ड्रग कंट्रोल अधिकारी अनुपमा कालिया ने कहा कि प्रशासन नशे की लत लगाने वाली दवाइयों के दुरुपयोग और अवैध बिक्री को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि चिकित्सा सेवाएं केवल योग्य और अधिकृत चिकित्सकों द्वारा ही उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने दोहराया कि नशे से संबंधित अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने तथा अनधिकृत मेडिकल प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत इस तरह के संयुक्त जांच और प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे।