राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया
Dec19,2025
| Shiv Kaura | Phagwara
फगवाड़ा (शिव कौड़ा)राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा ने फगवाड़ा में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नितीश कुमार के विरोध में नारे लगाए तथा भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के नाम एक मांग पत्र नायब तहसीलदार गुरशरण सिंह को सौंपा। इसके अलावा एक मांग पत्र फगवाड़ा की पुलिस अधीक्षक माधवी शर्मा को भी सौंपा गया। मांग पत्र में बिहार राज्य में महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के साथ हुए कथित अपमानजनक कृत्य एवं जबरन हिजाब हटाने की घटना के संबंध में न्याय की मांग की गई। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सरबर गुलाम सब्बा द्वारा कहा गया है कि सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से एक अत्यंत दुःखद, चिंताजनक एवं निंदनीय घटना देश के समक्ष आई है, जिसमें बिहार राज्य के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिंजाब कथित रूप से उनकी इच्छा के विरुद्ध हटाया गया।
उन्होंने कहा कि यह कृत्य न केवल एक महिला के आत्मसम्मान, गरिमा एवं निजता पर आघात है, बल्कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25), व्यक्तिगत स्वतंत्रता, तथा मानवीय गरिमा के मूल सिद्धांतों के भी प्रतिकूल प्रतीत होता है हिजाब किसी भी महिला की व्यक्तिगत, धार्मिक एवं संवैधानिक रूप से संरक्षित पसंद है, जिसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप निंदनीय एवं अस्वीकार्य है।इस घटना के पश्चात पीड़ित महिला डॉक्टर द्वारा दिया गया यह कथन-"अब में नौकरी जॉइन नहीं करूंगी, मुख्यमंत्री का इरादा जो भी रहा हो, लेकिन मुझे गहरी तकलीफ पहुंची है"- स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उक्त कृत्य ने उनकी मानसिक शांति, आत्मसम्मान एवं अंतरात्मा को गहराई से आहत किया है।सब्बा ने कहा कि यह केवल एक महिला डॉक्टर के सम्मान का प्रश्न नहीं है, बल्कि देश की समस्त बेटियों की सुरक्षा, गरिमा एवं धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा एक गंभीर राष्ट्रीय विषय है। यदि आज एक शिक्षित एवं स्वावलंबी महिला के साथ सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार का व्यवहार संभव है, तो भविष्य में किसी भी नागरिक, विशेषकर महिलाओं, के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी घटनाएँ हमारे लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष एवं संवैधानिक मूल्यों को गहरी क्षति पहुंचाती है। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति जी से मांग की है कि
1. उक्त घटना की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जाँच कराई जाए तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध संवैधानिक एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
2. नैतिक एवं संवैधानिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत के अंतर्गत नीतीश कुमार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से पदमुक्त/ बरखास्त किए जाने पर विचार किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।
3. पीडित महिला डॉक्टर को पूर्ण न्याय, सुरक्षा, सन्मान एवं संरक्षण प्रदान किया जाए तथा उन पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी प्रकार का दबाव न डाला जाए।
4. देशभर में महिलाओं की धार्मिक स्वतंत्रता, व्यक्तिगत पसंद, गरिमा एवं निजता की रक्षा हेतु स्पष्ट, प्रभावी एवं बाध्यकारी दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।
इस अवसर पर मोलाना नसीम कासमी,मोलाना जियाउल कासामी, मो० असलम, मो० कमरुता, शफी आलम, मो० मुरशीद, मो० दानिश, मो. अनवर, शहादत हुसेन, मो. दुकराम, मो. मुईन, आबीद हसन, सलमान,
शुऐब आलम, शाहवेज, मो० काशीफ, मास्टर मुन्ना, इजहार मास्टर, कारी आलीम, बदरे आलम, सहेल, मो. आरीफ, रफील, शम्भु ठकेदार, इम्तियाज, ऐजाज सलमानी, रियाज सलमानी, मो० नाहीद रजा, अलीमुदीन अंसारी, यूसुफ मास्टर,, इसलामुदीन तथा शानवाज भाई उपस्थित थे।
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