स्वाभिमान अवॉर्ड समारोह में की शिरकत, वंचित बच्चों की शिक्षा के प्रयासों की सराहना
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना मानवता की सच्ची सेवा है।गुरु नानक देव भवन में नोबल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित स्वाभिमान अवॉर्ड समारोह की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने संस्था के संस्थापकों और दानदाताओं के प्रयासों की सराहना की, जो वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है और समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना समावेशी विकास के लिए बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “गरीब बच्चों को शिक्षा देना केवल दान नहीं, बल्कि समाज की प्रगति में एक महत्वपूर्ण योगदान है।” उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाना है ताकि वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।
राज्यपाल ने समग्र शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन बनाए रखने, नैतिक मूल्यों का पालन करने और समाज सेवा के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
समावेशिता पर बल देते हुए कटारिया ने कहा कि देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा, “जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचेगी, तभी देश सही मायनों में आगे बढ़ेगा।”इस अवसर पर राज्यपाल ने पद्म श्री ओमकार सिंह पाहवा, पुरातत्वविद् डॉ. नारायण वत्स, वैज्ञानिक डॉ. सुरिंदर पाल शर्मा, एनआरआई साहिब सिंह थिंद और भारतीय शास्त्रीय गायिका सुचेता भट्टाचार्य को सम्मानित किया।समारोह में पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बल मुकंद शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।