गैर-कानूनी मेडिकल सुविधाओं की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए कमिश्नरेट पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ मिलकर गांव सरींह में चल रहे एक गैर-कानूनी नशा मुक्ति सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए वहां औचक छापा मारा है। इस ऑपरेशन के दौरान कई पीड़ितों को बचाया गया है और सेंटर के मैनेजमेंट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह छापेमारी *ACP (साउथ)* और *लुधियाना क्राइम ब्रांच* की देखरेख में, *थाना डेहलों* की टीमों सहित मिलकर की गई। टेक्निकल और मेडिकल नियमों का पालन पक्का करने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट की एक स्पेशल टीम भी ऑपरेशन में शामिल हुई, जिसमें SMO, मेडिकल ऑफिसर (साहनेवाल) और ड्रग इंस्पेक्टर शामिल थे।
विशेष रूप से बता दें कि जांच के दौरान, यह पता चला कि सेंटर हेल्थ डिपार्टमेंट से बिना किसी वैलिड परमिट, लाइसेंस या ज़रूरी मंज़ूरी के चलाया जा रहा था। सेंटर में नशा छोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों के इलाज के लिए ज़रूरी मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल सुपरविज़न बिल्कुल नहीं था।
पीड़ितों की सेहत और सुरक्षा को सबसे पहले रखते हुए, जॉइंट टीम ने गैर-कानूनी सेंटर में रखे गए लोगों को सफलतापूर्वक बचाया। उन्हें तुरंत मेडिकल जांच और आगे के इलाज के लिए *जगराओं और लुधियाना के सिविल हॉस्पिटल* में भेज दिया है।
इस सारे मामले के संबंध में
पुलिस कमिश्नर, *स्वपन शर्मा, IPS* ने कहा कि पुलिस डिपार्टमेंट ऐसे अवैध रूप से चल रहे सेंटर बंद करने के लिए तैयार है जो ज़रूरतमंद लोगों का शोषण करते हैं। उन्होंने आगे बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर की डिटेल्ड टेक्निकल रिपोर्ट के बाद दोषियों के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं सीपी ने कहा वह लोगों से अपील करते हैं कि वे सतर्क रहें और अपने इलाकों में चल रहे ऐसे किसी भी गैर-कानूनी सेंटर की रिपोर्ट करें ताकि इलाज कराने वालों की सुरक्षा और सही इलाज पक्का किया जा सके।।