राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़,30जून। हरियाणा के मंडल मुख्यालय अंबाला के पास स्थित गांव धन्यौड़ा में मंगलवार सुबह एक 4 वर्षीय बच्चा खेलते-खेलते 220 फुट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया। इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिला प्रशासन और सेना की टीम बचाव अभियान में जुटी हुई है। हरियाणा के ही कुरुक्षेत्र में वर्ष 2006में प्रिंस नामक चार वर्षीय बच्चा बोरवैल में गिर गया था 50 घंटे के अभियान के बाद प्रिंस को सकुशल बोरवेल से निकालने में कामयाबी मिल गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 वर्षीय निर्भय मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अपने पिता, चाचा और चचेरे भाई के साथ खेत पर घूमने गया था। वह अपने चाचा हरनेक सिंह के खेत में खेल रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह खेत में ही खुले गहरे बोरवेल में जा गिरा। हादसे के वक्त परिजन पास में ही मौजूद थे। बच्चे के बोरवेल में गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत गांव के सरपंच को इस बात की जानकारी दी, जिसके बाद तुरंत जिला प्रशासन को सूचित किया गया। बोरवेल हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। मामले की गंभीरता और बोरवेल की गहराई को देखते हुए उपायुक्त ने खुद बचाव मिशन की कमान संभाली और तुरंत भारतीय सेना को बुला लिया गया। बोरवेल के अंदर बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था तुरंत कर दी गई है। इसके साथ ही डॉक्टरों की एक विशेष टीम एम्बुलेंस के साथ मौके पर तैनात है। बोरवेल के अंदर कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति और उसकी हरकतों पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल सेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा मिलकर बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
हरियाणा में जुलाई 2006 में कुरुक्षेत्र जिले के हलदाहेड़ी गांव में चार वर्षीय प्रिंस कुमार नाम का बच्चा 60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। भारतीय सेना द्वारा लगभग 50 घंटे तक चलाए गए बचाव अभियान के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।