पिछले चार वर्षों में पंजाब को लूटा-खसूटा गया है: बाजवा
पंजाब कांग्रेस द्वारा विभिन्न स्थानों पर आयोजित ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ रैलियों में अब तक हज़ारों लोग शामिल हो चुके हैं। ये रैलियां बठिंडा और मोगा ज़िलों के भुच्चो मंडी और बाघा पुराना में आयोजित की गईं।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब ने देशभर में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को खत्म करने के विरोध में रैलियां करने वाला पंजाब पहला राज्य बना है और ये कार्यक्रम बेहद सफल रहे हैं।
बघेल ने अनुमान जताया कि वीबी जीरामजी कानून का हश्र भी तीन कृषि कानूनों जैसा ही होगा, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों से माफी मांगते हुए वापस लेना पड़ा था। उन्होंने कहा कि जैसे तीन कृषि कानून किसानों के खिलाफ थे, उसी तरह नया वीबी जीरामजी कानून मज़दूरों के खिलाफ है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि किसान एक संगठित शक्ति हैं और उन्होंने मज़बूत आंदोलन किया, जिसे कांग्रेस का पूरा समर्थन मिला, जिसके चलते मोदी सरकार को कानून वापस लेने पड़े। लेकिन मनरेगा मज़दूर संगठित नहीं हैं। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने उनकी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है और भाजपा सरकार को नया कानून वापस लेने तथा मनरेगा बहाल करने के लिए मजबूर किया जाएगा।
इस मौके पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले करोड़ों हाशिये पर पड़े वर्गों की रोज़ी-रोटी छीन ली है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों को अपने गांवों के आसपास ही सम्मानजनक रोज़गार की गारंटी देता था।
उन्होंने कहा कि अब तो मनरेगा के तहत हाजिरी लगाना ही मज़दूरों के लिए बेहद मुश्किल हो गया है, काम मिलना तो दूर की बात है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीयत साफ दिखाई दे रही है कि वह हाशिये पर पड़े वर्गों को सम्मानजनक जीवन से वंचित करना चाहती है। नहीं तो, दुनिया भर में गरीब-पक्षीय माने जाने वाले मनरेगा कानून को खत्म करने की क्या ज़रूरत थी।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि भाजपा सरकार ने बार-बार अपना जन-विरोधी चेहरा दिखाया है। उन्होंने आप पर भाजपा के साथ अंदरूनी सांठगांठ का आरोप लगाया और कहा कि नाममात्र के विरोध के अलावा, आप या उसकी सरकार ने मनरेगा मज़दूरों के लिए कुछ भी नहीं किया।
बाजवा ने याद दिलाया कि कैसे कांग्रेस नेतृत्व, श्रीमती सोनिया गांधी और तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हाशिये पर पड़े वर्गों को गारंटीशुदा रोज़गार देने के लिए विशेष कानून बनाया था।
बाजवा ने भरोसा दिलाया कि 2027 में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर मनरेगा के अनुरूप ग्रामीण गरीबों को गारंटीशुदा रोज़गार देने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह काम आप सरकार को अभी करना चाहिए था, लेकिन उसकी कोई नीयत नहीं है।
इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा रविंदर दलवी, डॉ. अमर सिंह, शेर सिंह घुबाया, परगट सिंह, हरदेव सिंह लाडी, प्रीतम सिंह कोटभाई, राजन गर्ग, गुरप्रीत कांगड़ पूर्व विधायक, साधु सिंह धर्मसोत पूर्व मंत्री, जीत मोहिंदर सिद्धू पूर्व विधायक, खुशबाज़ सिंह जटाना, जशन चहल, बिक्रम सिंह मोफर, प्रकाश सिंह भट्टी, नवदीप बब्बू बराड़, शुभदीप बिट्टू, अरशदीप सिंह गग्गोवाल, हरचरण सिंह सोथा, रुपिंदर कौर रूबी, जगदेव सिंह कमालू, गुरा सिंह तुंग, अवतार सिंह गोनियाना, किरणजीत कौर, नरिंदर सिंह कौणी, मास्टर बलदेव सिंह जैतू, के.के. अग्रवाल, अरुण वाधवान, किरणजीत सिंह गहरी, बलवंत राय नाथ, टेहल सिंह संधू, मलकीत सिंह दाखा, जगतार सिंह हिस्सोवाल, सुखजीत सिंह काका लोहगढ़, जगसीर सिंह बाघा पुराना, मेजर सिंह मुल्लांपुर, हरि सिंह खाई सहित कई अन्य उपस्थित थे।