पंजाब में बाल अधिकार आयोग की ओर से छात्रों से सीधा संवाद का पहला बड़ा प्रयास
लुधियाना गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ढंडारी खुर्द में ‘नन्हे कदम’ पहल के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की अगुवाई पंजाब बाल अधिकार आयोग की वाइस चेयरपर्सन गुंजीत रुचि बावा ने की, जिन्होंने छात्रों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन के साथ संवाद किया।
इस दौरान गुंजीत रुचि बावा ने कक्षा 6 से 10 तक के 912 विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया, जो पंजाब में पहली बार इतने बड़े स्तर पर बाल अधिकार आयोग के किसी अधिकारी द्वारा छात्रों से सीधा संवाद का उदाहरण बना।अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा, बाल सुरक्षा और जागरूकता को सुरक्षित भविष्य के मुख्य स्तंभ बताते हुए छात्रों को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी परेशानी में आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही स्कूल ड्रॉपआउट रोकने और युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया गया।उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) के महत्व को भी रेखांकित करते हुए छात्रों और शिक्षकों से जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग करने की अपील की। शिक्षकों को बच्चों के भावनात्मक और व्यवहारिक बदलावों को समय रहते पहचानने और सहयोग करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया।कार्यक्रम में स्कूल के प्रिंसिपल उजलवीर सिंह और समस्त स्टाफ भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की और सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर गुंजीत रुचि बावा ने कहा, “नन्हे कदम के माध्यम से हमारा उद्देश्य हर बच्चे तक पहुंच बनाना है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, सुरक्षित महसूस करें और शिक्षा से जुड़े रहें। एक सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए स्कूल, शिक्षक और समाज के सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।”
कार्यक्रम में आस एहसास एनजीओ का भी सहयोग रहा, जिन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप स्टेशनरी वितरित की।कार्यक्रम सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें हर बच्चे के लिए सुरक्षित, जागरूक और सहयोगी वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।