- Date: 18 Oct, 2019(Friday)
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महंगी बिजली के विरुद्ध आप ने किया 'बिजली मोर्चे' की टीमों का गठन

प्राईवेट थर्मल प्लांटों से किए महंगे समझौते रद्द करने पर मिलेगी लोगों को राहत - आप

महंगी बिजली के मुद्दे पर प्रिंसिपल बुद्धराम और मीत हेयर ने की पार्टी नेताओं के साथ बैठक

Jul10,2019 | GAUTAM JALANDHARI | JALANDHAR

हद से ज्यादा महंगी बिजली के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब द्वारा शुरू किए गए 'बिजली मोर्चे'के अंतर्गत बुधवार को यहां जलंधर लोक सभा हलके के जिला प्रधानों, हलका प्रधानों और अन्य प्रमुख अधिकारियों की बैठक 'आप' कोर समिति के चेयरमैन और विधायक प्रिंसिपल बुद्धराम, 'बिजली मोर्चा' के राज्य को-आर्डीनेटर और विधायक मीत हेयर, जै किशन सिंह रोड़ी, राज्य खजांची सुखविन्दर सुखी के नेतृत्व में हुई। इस मौके पार्टी नेताओं को संबोधन करते हुए प्रिंसिपल बुद्धराम ने कहा कि पंजाब में देश के बाकी राज्यों के मुकाबले बिजली की दरें बेहद महंगी हैं। जिसके लिए जितनी पिछली बादल सरकार जिम्मेदार है, उतनी ही मौजूदा कैप्टन सरकार भी जिम्मेदार है, क्योंकि बादलों के राज के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने सरकारी थर्मल प्लांटा (बठिंडा व रोपड़) से सस्ती बिजली पैदा करने वाले यूनिट बंद करके तीन प्राईवेट थर्मल प्लांटों (राजपुरा, श्री गोइन्दवाल, तलवंडी साबो) के साथ महंगी और उच्च दर और घातक शर्तों वाले बिजली खरीद समझौता कर लिए। जिस की कीमत आज पंजाब का हर बिजली खप्तकार चुका रहा है। इस मौके मीत हेयर ने कहा कि बेशक पंजाब आज नशे, रिश्वतखोरी, माफिया राज और खेती और पानी के गंभीर संकट का सामना कर रहा है, परंतु महंगी बिजली एक ऐसा मुद्दा है, जिसकी मार से कोई एक भी घर नहीं बचा हुआ है। मीत हेयर ने कहा कि प्राईवेट बिजली कंपनियों के साथ जितनी देर बादलों की तरफ से कमिशन-हिस्सेदारियां रख कर किए गए समझौते रद्द करके नए सिरे से समझौते नहीं किए जाते, उतनी देर पंजाब के लोगों को राहत संभव नहीं है, परंतु कैप्टन सरकार भी बादलों की तरह निजी बिजली कंपनियों के साथ मिल गई है और महंगे समझौते और घातक शर्तें रद्द करने से भाग गई है। उन्होंने कहा कि 'आप' का 'बिजली मोर्चा' सभी लोगों को जागरूक करके कांग्रेस सरकार को या तो समझौते रद्द करने के लिए मजबूर कर देगा, या फिर 2022 में सत्ता से एक तरफ करके सबसे पहले बिजली समझौते रद्द करके लोगों को दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार की तर्ज पर राहत देगी। इस मौके जिला प्रधान डा. शिव दियाल माली व राज्य उप प्रधान डा. संजीव ने तेज चलते मीटरों का भी मुद्दा उठाया। 'आप' लीडरशिप ने स्थानीय नेताओं को 'बिजली मोर्चे' को हलका, ब्लाक और गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए रूप रेखा समझाई। इसके साथ ही हलका स्तर पर बिजली मोर्चा समितियों का गठन किया गया। इस मौके रत्न सिंह काकडक़लां, रविंदर रेखी, लखवीर सिंह, बलवंत सिंह, हरबंस घई, तरुणदीप सनी, सुभाष प्रभावकर, सुनीता, सुख संधू, पूजा खन्ना, संगीता और अन्य नेता उपस्थित थे।

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