- Date: 13 Dec, 2018(Thursday)
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व्यक्ति निर्माण के लिए विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा जरूरी: सोलंकी

Jun8,2018 | RAKESH SHARMA | KURUKASHETRA

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा है कि उच्च शिक्षा के माध्यम से ही मानव निर्माण किया जा सकता है इसके लिए विश्वविद्यालयों के साथ-साथ कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मुहैया करानी जरूरी है। इससे पहले सभी को खुद में अपनी श्रेष्ठता साबित करनी होगी और केवल मात्र राष्ट्रसेवा के लिए ही कार्य करने की सोच रखनी होगी। वे शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में प्रदेशभर के राज्य से अनुदान प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व आर्थिक प्रबंधन विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इससे पहले राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा, जीजेयू के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, एमडीयू के कुलपति प्रो. विजेन्द्र के पूनिया ने दीपशिखा प्रज्ज्वलित कर विधिवत रूप से कार्यशाला का शुभारंभ किया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि इस राष्ट्र का मानव कैसा है, जिस समाज और राष्ट्र में मानव निर्माण पर फोकस होता है वह समाज और राष्ट्र विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ता है। इसलिए 21वीं सदी का भारत का निर्माण कैसा होगा यह मानव निर्माण पर निर्भर होगा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में नए भारत के निर्माण की कल्पना भारत सरकार ने की है। इस लक्ष्य को जहन में रखते ही देश में बहुत सारे क्षेत्रों में बदलाव आया है और किया जा रहा है। इसी के चलते भारत सरकार ने प्लानिंग कमीशन नाम की संस्था को समाप्त करके नीति आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा की जब भारत गुलाम था तब भारत के मूल्यों का हरण हुआ और भारत की तस्वीर को गलत तरीके से विदेशों में प्रस्तुत किया गया। जबकि भारत सोने की चिडिय़ा और विश्व गुरू कहलाता था। आजादी के बाद स्वतंत्रता का उद्देश्य हासिल करने के लिए अभी ओर मेहनत करने की जरूरत है। प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक दृष्टि से स्वावलम्बी बनाना जरूरी है। इसके लिए भारत सरकार ने प्रत्येक व्यक्ति को स्वावलम्बी बनाने, रोजगार के अवसर मुहैया करवाने, किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने के साथ-साथ युवाओं को 100 दिन का रोजगार देने जैसी योजनाओं को अमली जामा पहनाने का काम किया।राज्यपाल ने कहा कि नए भारत का निर्माण करने की जिम्मेवारी प्रत्येक व्यक्ति को लेनी होगी। श्रेष्ठ भारत बनाने के लिए एक भारत बनाने की सोच को पैदा करना होगा और यह सोच शिक्षक विद्यार्थियों के माध्यम से ही तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में 60 शिक्षण संस्थाएं उच्च श्रेणी में शामिल की गई हैं और इसमें एक विश्वविद्यालय ओपी जिंदल हरियाणा से है। वर्तमान में प्रदेश में 50 विश्वविद्यालयों जिनमें 22 निजी विश्वविद्यालय शामिल हैं, जिसमें सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय की श्रेणी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी को सेंटर ऑफ लिविंग, सेंटर आफ लाईवली हुड, सेंटर आफ लीडरशिप यानि तीन एल को फोकस रखकर काम करने की जरूरत है। इसके अलावा मानव निर्माण के लिए तीन एच का फार्मूला हेड, हैंड और हार्ट को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को भी सेवन सी के फार्मूले को अपनाने की जरूरत है। इसके लिए विश्वविद्यालयों को सेंटर आफ करेक्टर, सेंटर आफ केलिबर, सेंटर आफ केपेस्टी, सेंटर आफ कंडक्ट, सेंटर आफ कान्शियसनेस, सेंटर आफ कम्यूनिकेशन और सेंटर आफ कंसर्न को अपनाकर विद्यार्थी का विकास करना होगा।हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि आज शिक्षा की विभिन्न प्रारूपों में व्याख्या की जा रही है। अभी हाल में ही उज्जैन के सम्मेलन में 3 शब्दों में शिक्षा को परिभाषित किया गया जिसमें उद्देश्य, ज्ञान, जीविका और जीवन को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्ति के साथ-साथ युवा को अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए रोजगारोन्मुख शिक्षा दी जानी चाहिए ताकि युवा अपना रोजगार स्थापित करके अपने आपको सक्षम बना सके। इसके लिए युवा को समर्थ और सक्षम बनाने का दायित्व प्रत्येक व्यक्ति का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आंकडो पर नजर डाली जाए तो हरियाणा प्रदेश की स्थिति अन्य प्रांतों से बहुत बेहतर है और हरियाणा में ग्रास एनरोलमेंट रेशो भी देश के बाकी राज्यों से काफी बेहतर है। इस राज्य में यह रेशो 29 प्रतिशत है लेकिन हरियाणा में अभी भी उच्च शिक्षा में कुछ और बेहतर किया जा सकता है। शिक्षा का आधुनिकीकरण करना बहुत जरूरी है। समाज के अनुसार युवाओं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद का उद्देश्य है कि युवाओं को अच्छी और रोजगारपरक शिक्षा मुहैया कराई जाए इसके लिए आने वाले समय में महाविद्यालयों में नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे तथा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षित का सम्मान जैसे जीवन मूल्यों पर फोकस किया जाएगा। इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर ही केन्द्र सरकार ने हरियाणा को 260 करोड़ रूपये का अनुदान दिया है जिसमें 100 करोड़ रूपये कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का भी शामिल है। उन्होंने परिषद के उद्देश्य पर विस्तृ़त प्रकाश डालते हुए कहा कि शैक्षणिक प्रबंधन के जरिए कम समय में ही अधिक परिणाम हासिल किया जाएगा और शिक्षा के स्तर में सभी के विचारों से सुधार लाया जाएगा।कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि इस कार्यशाला में विश्वविद्यालयों से 6 प्रकार के श्रेणी के अधिकारियों को शिक्षा, सुधार और संचालन से सम्बन्धित विषयों पर विषय विशेषज्ञ द्वारा जानकारी दी जाएगी और शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विश्वविद्यालयों में युवाओं को अच्छी से अच्छी शिक्षा और संस्कार दिए जाएं ताकि युवा प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे सकें। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. हेमन्त वर्मा ने किया।इस मौके पर विधायक डॉ. पवन सैनी, स्टेट यूनिवर्सिटी आफ पर्फोमिंग एंड विजुअल आर्टस के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, सीडीएलयू सिरसा के कुलपति डॉ विजय के कायत, दीनबंधू छोटूराम यूनिवर्सिटी मुरथल के कुलपति प्रो. राजेन्द्र कुमार अनायत, चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी भिवानी के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल, हरियाणा विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के कुलपति राज नेहरू, , वाईएमसीए फरीदाबाद के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर की कुलपति प्रो. सुषमा यादव, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रवीण सैनी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन शर्मा, भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, सहित विश्वविद्यालयों के कुलपति व कुलसचिव मौजूद थे।

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