- Date: 21 Mar, 2019(Thursday)
Time:
 logo

प्रो. गुरभजन सिंह गिल फैलोशिप अवार्ड से सममानित

पंजाब साहित्य अकादमी ने दिया अवार्ड

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोहर सिंह गिल ने भेंट किया अवार्ड

Mar14,2018 | GAUTAM JALANDHARI | LUDHIANA

- पंजाबी भ्भाषा एवं संस्कृति में योगदान के बदले पंजाबी साहित्य अकादमी की ओर से आज जाने-माने पंजाबी लेखक प्रो. गुरभजन सिंह गिल को लुधियाना के पंजाबी भवन में आयोजित एक सममान समारोह के दौरान फैलोशिप अवार्ड से नवाजा गया। यह फैलोशिप अवार्ड प्रो. गिल को पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. मनोहर सिंह गिल ने सौंपा जबकि इस मौके पर पद्मश्री अवार्डी एवं पंजाब आर्टस कौंसिल के चेयरमैन डा. सुरजीत पातर, गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के पूर्व वीसी डा. एसपी सिंह, पीएयू के पूर्व वीसी डा. मजनीत ङ्क्षसह कंग, पूर्व वीसी गुरू काशी यूनिवर्सिटी डा. एनएस मल्ही के अलावा पंजाब साहित्यक अकादमी के क्रमश: प्रधान एवं महासचिव डा. सुखदेव सिंह सिरसा व डा. सुरजीत सिंह उपस्थित थे। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. मनोहर सिंह गिल ने प्रो. गुरभजन सिंह गिल को फैलोशिप अवार्ड के बधाई देते हुए कहा कि पंजाबी साहित्य अकादमी द्वारा पंजाब भाषा एवं साहित्य के विकास में अहम योगदान डाला जा रहा है तथा उनके द्वारा लेखकों-बुद्विजीवियों को सममानित करने बेहद प्रशंसनीय कदम है। उन्होंने साहिर लुधियानवी व मंटो का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि आज साहिर के नाम की लाइब्रेरी भी स्थापित हुई है तथा वह समराला में भी मंटो की लाब्रेरेरी को देखने जा रहे है। सांसदों द्वारा एमपी कोटे की ग्रांटों का पूरा इस्तेमला न करने बारे डा. गिल ने कहा कि मैंने तो अपने कार्यकाल में एक-एक पैसा इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यदि चालीस पैसे खर्च करके साठ पैसे भी केंद्र पैसे के पास रह जाते है तो बेहद दुख की बात है। जबकि इन्हें प्रोजेक्टों पर खर्च किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लुधियाना के सरकारी कालेज में लाइब्रेरी व पीएयू में हास्टल के निर्माण के लिए भी ग्रांट का इस्तेमाल किया तथा वह इन्हें देखने भी जा रहे है। इस मौके पर डा. गिल ने ईवीएम या किसी भी सियासत बारे किसी भी प्रकार के सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया तथा कहा कि यह सही मौका नहीं है। इस मौके पर पद्मश्री एवं पंजाब आर्टस कौंसिल के चेयरमैन डा. सुरजीत पातर ने सभी राज्यों की मां बोली के सममान व उसके बनते रूतबे को दिलाने के लिए नेशनल पालिसी की जरूरत पर बल दिया तथा कहा कि हैरानी की बात है कि सभी केंद्र शासित प्रदेशों में उस राज्य की मातृ भाषा को प्राथमिकता दी जाती है लेकिन चंढीगढ में सारा काम अंग्रेजी में होता है जिसे पंजाबी करवाने की मांग की है। वल्र्ड पंजाबी कांफ्रेंस में निजी स्कूलों में पंजाबी भाषा को प्राथमिकता न देने व साइन बोर्ड पंजाबी में होने संबंधी विशेष रूप से चर्चा हुई है। पंजाबी भाषा को दफतरों में सखती से लागू करवाने बारे सरकार की कोशिशें जारी है। इसके लिए अवज्ञा करने वालों पर सखती करने की बात कही गई है। इस मौके पर प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने फैलोशिप अवार्ड के लिए पंजाबी साहित्य अकादमी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद सममान की बात है कि यह अवार्ड पंजाब की महान शखसीयत डा. मनोहर सिंह गिल के हाथों से मिला। इस अवार्ड के बाद मेरी कोशिश होगी कि अब जो काम नहीं हो सके, उनके लिए कदम आगे बढाया जाए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोहर सिंह गिल ने भेंट किया अवार्ड 211


पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोहर सिंह गिल ने भेंट किया अवार्ड
प्रो. गुरभजन सिंह गिल फैलोशिप अवार्ड से सममानित

Comments


About Us


Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.

Gautam Jalandhari (Editor)

Subscribe Us


Vists Counter

HITS : 5800388

Address


Jagrati Lahar
Jalandhar Bypass Chowk, G T Road (West), Ludhiana - 141008
Mobile: +91 161 5010161 Mobile: +91 81462 00161
Land Line: +91 161 5010161
Email: gautamk05@gmail.com, @: jagratilahar@gmail.com