- Date: 16 Nov, 2018(Friday)
Time:
 logo

नील गायों के शिकार के मामले में मेनका गांधी ने की कार्यवाही शुरू

संगत मंडी के अधीन मछाणा गांव में कुछ लोगों ने कई नील गायों को मार गिराया

पुलिस ने नील गाय के शव को शिकारियों के ही हवाले कर दिया

Dec21,2017 | PARVINDERJIT | BATHINDA

जिले के गांव मछाणा में नील गायों के शिकार करने के मामले में पीपल फॉर एनिमल की चेयरपर्सन मेनका गांधी ने खुद संज्ञान ले कर मामले में कार्यवाही शुरू कर दी है। करीब एक सप्ताह पहले बठिंडा में संगत मंडी के अधीन मछाणा गांव में कुछ लोगों ने नील गायों को गोलियां मार कर उनका शिकार करते हुए कई नील गायों को मार गिराया। गांव के ही कुछ लोगों ने इस घटना का विरोध करते हुए मौके पर पुलिस को बुलाया तथा डीएफओ को भी इसकी जानकारी दी। लेकिन डीएफओ ने इस मामले में कहा कि जिसने नील गायों को मारा है उन्हे विभाग द्वारा नील गायों का शिकार करने की मंजूरी दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने नील गाय के शव को शिकारियों के ही हवाले कर दिया। इस मामले संबंधी जानकारी मिलने पर समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सोनू माहेश्वरी ने इसकी शिकायत पीपल फॉर एनिमल (पीएफए), एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया को कर दी जिस पर पीएफए द्वारा शिकायतकर्ता को ईमेल भेज कर जानकारी दी गई कि पीएफए चेयरपर्सन मेनका गांधी ने खुद इस मामले की पैरवी शुरू कर दी है तथा जल्द की कार्यवाही संबंधी जानकारी भी उपलब्ध करवा दी जाएगी। डीएफओ का ब्यान गैर जिम्मेवाराना समाजसेवी सोनू माहेशवरी ने कहा कि नील गांय का शिकार होने के बाद कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए डीएफओ हरभजन सिंह को सूचित किया तो उन्होनें अपनी जिम्मेवारी से भागते हुए यहा तक कह डाला कि जिन्होनें नील गांय को मारा है वो शव ले जाए और उनको लाइसेंस दिया है। उन्होनें मेनका गांधी से मांग की कि ऐसे अफसरों के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी जूर्त न कर सकें । सोनू का कहना था कि जिन लोगों ने उक्त नील गांय का शिकार किया था उनकी राजनीतिक पहुंच होने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता क्यों कि आम आदमी तो नील गांय का शिकार करने के बारे में सोचेगा भी नही प्रंतू कुछ अमीरयादे अपने बाप की राजनीतिक पहुंच का फायदा उठाकर ऐसे अति निंदनीय कामों को अंजाम देते है। इस संबंधी डीएफओ हरभजन सिंह का कहना था कि उनकी विभागी भाषा में नील गांय को रोज कहा जाता है और उसके लिए बकायदा सरकार की ओर से कुछ लोगों को परमिट जारी किए गए है । उन्होनें कहा कि सरकार ने लोगों को परमिट इस लिए जारी किए है कि जहां पर रोज से पशुओं की जान को खतरा है वहां पर रोज मारने के लिए ही लाइसेंस जारी किया गया है।

नील गायों के शिकार के मामले में मेनका गांधी ने की कार्यवाही शुरू 194


नील गायों के शिकार के मामले में मेनका गांधी ने की कार्यवाही शुरू
नील गायों के शिकार के मामले में मेनका गांधी ने की

Comments


About Us


Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.

Gautam Jalandhari (Editor)

Subscribe Us


Vists Counter

HITS : 5271989

Address


Jagrati Lahar
Jalandhar Bypass Chowk, G T Road (West), Ludhiana - 141008
Mobile: +91 161 5010161 Mobile: +91 81462 00161
Land Line: +91 161 5010161
Email: gautamk05@gmail.com, @: jagratilahar@gmail.com