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तीसरा मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल-2019-कैप्टन अमरिन्दर सिंह विचार-विमर्श का नेतृत्व और अपने तजुर्बे करेंगे साझे

पंजाब के गवर्नर कल करेंगे मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का उद्घाटन

मिलिट्री से सम्बन्धित 15 पुस्तकों पर किया जायेगा विचार-विमर्श

Dec12, 2019 / Gurvinder Singh Mohali / Chandigrah

मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सोच- मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल (एम.एल.एफ.) का तीसरा एडिशन - फिर से डिफैंस सम्बन्धित मुद्दों और उन व्यक्तियों जिनकी बहादुरी और बलिदान ने इस संसार को सद्भावना के साथ रहने के लिए उपयुक्त स्थान बनाया है, के किस्सों के साथ लोगों को रू-ब-रू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। फ़ौज के अलग- अलग पहलुओं पर विचार-विमर्श का नेतृत्व करते हुए और हथियारबंद सेनाओं में देश की सेवा करने सम्बन्धी अपने तज़ुर्बों को साझा करते, कैप्टन अमरिन्दर सिंह इस फैस्ट के दौरान युद्ध के मैदान और साहित्यक क्षेत्र में सबसे माहिर व्यक्तियों को रू-ब-रू करवा रहे हैं। चंडीगढ़ के लेक क्लब में 13 दिसंबर से 15 दिसंबर तक तीन दिन चलने वाले इस मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल श्री वी.पी. बदनौर करेंगे। उनके साथ प्रसिद्ध साहित्यकार सर मार्क टूली, इतिहासकार पुशपेश पंत, रैमन मैगसेसे ऐवार्डी रवीश कुमार, बहादुरी पुरस्कार विजेता और रक्षा माहिर इस फैस्ट में मौजूद होंगे और हाजिऱी लगाने वाले सैलानियों को अलग -अलग मुद्दों पर केन्द्रित सैशनों के समूहों में शामिल किया जायेगा। 13 दिसंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित होने वाले इस फैस्ट के दौरान सैनिक इतिहास से लेकर युद्धों और मौजूदा साईबर सुरक्षा मामलों तक के विषयों पर पैनल चर्चा करवाई जायेगी। इस दौरान संवाद सैशन में बहादुरी पुरस्कार विजेताओं की तरफ से लड़ाई के मैदान की कहानियाँ साझी की जाएंगी। इन तीन दिनों के दौरान हथियारबंद सेनाओं का हिस्सा बनने पर जोश ... जज़्बा और जुनून ... पर अधारित विशेष ऑडियो -विज़ुअल शो कलैरियन कॉल थियेटर आयोजित करवाए जाएंगे। 13 दिसंबर को वैन्यू ए (सिपाही ईशर सिंह वीर चक्र 28 पंजाब/2 सिख) में ‘हल्दीघाटी की लड़ाई का विजेता कौन था’ विषय पर पहली विचार-विमर्श करवाई जायेगी। विचार-विमर्श के मुख्य मेहमान पंजाब के राज्यपाल श्री वी.पी. सिंह बदनौर और इरफान हबीब होंगे, जबकि लैफ्टिनैंट जनरल भुपिन्दर सिंह संचालक होंगे। इसके बाद मेक इन इंडिया और राष्ट्र की सुरक्षा संबंधी सैशन होगा जिसमें राहुल बेदी संचालक होंगे और पैनलिस्ट अमित कौआशीश, राजीव चन्द्रशेखर एम.पी., डा. विवेक लाल, लैफ्टिनैंट जनरल अरुण साहनी और जनरल वीपी. मलिक विचार-विमर्श करेंगे। ‘‘डिड का वेटल ऑफ कोहिमा सेव इंडिया’’ विषय पर पैनल विचार-विमर्श के लिए संचालक एस.क्यू.एन एल.डी.आर. राणा छिना होंगे, जबकि पैनलिस्टों में कर्नल डा. राबर्ट लिमन, लैफ्टिनैंट जनरल जे.एस. बाजवा, यईफाबा मितई कंगजाम और ब्रिगेडीयर एलन मलिनसन शामिल होंगे। तालिबान और आई.एस.आई.के. इन कश्मीर विषय पर पैनल चर्चा में लैफ्टिनैंट जनरल अता हसनैन संचालक होंगे, जबकि पैनल के सदस्यों में लैफ्टिनैंट जनरल डी.एस. हुड्डा, अभिनव कुमार आई.पी.एस. और ए.एस. दुलट, आई.पी.एस. शामिल होंगे। इसी तरह, वैन्यू बी (2/ लेफ्टिनेंट प्रेमिन्दरा सिंह भगत, वीर चक्र, बॉम्बे सैपरज़) में दिल्ली फतेह-बंदा सिंह बहादुर तों रणजीत सिंह दे दौर दा जंगी इतिहास (पंजाबी) विषय पर विचार-विमर्श का संचालन बब्बू तीर करेंगे, जबकि प्रो. जसबीर सिंह और डा. अमनप्रीत सिंह पैनल के मैंबर होंगे। मध्यकालीन सैन्य वास्तुकला-भारतीय किले के विषय पर विचार-विमर्श का संचालन प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. पुष्पेश पंत करेंगे, जबकि पैनल के मैंबर लैफ्टिनैंट जनरल डी.डी.एस. संधू, अमित बेग और जी.एस. चन्नी होंगे। इसके बाद आई.एस.आई., तालिबान और अफगानिस्तान पर विचार-विमर्श के दौरान तिलक देवाशर संचालन करेंगे और पैनल के सदस्यों में वी. बालचन्दरन, विवेक काटजू, क्रिस्टीन फेर और मेजर जनरल बी.के. शर्मा शामिल होंगे। चीन की बैलट और रोड की उलझन विषय पर विचार-विमर्श का संचालन सी. राजा मोहन करेंगे, जबकि पैनलिस्टों में जयदेवा रानाडे, मेजर जनरल जी.जी. द्विवेदी और तिलक देवाशर शामिल होंगे। वैन्यू सी (हवलदार उमराओ सिंह, वीर चक्र) में युद्ध और मिलिट्री से सम्बन्धित 10 किताबों पर विचार- विमर्श होगा। इसी दौरान दूसरे दिन 14 दिसंबर को, जलियांंवाला बाग़ हत्याकांड और आज़ादी आंदोलन संबंधी पैनल विचार - विमर्श में किशवर देसाई संचालक के तौर पर होंगे और पैनल के सदस्यों में डा. गैविन रैंड, प्रो. सुखदेव सिंह सोहल, मनीष तिवारी और वाल्टर रीड शामिल होंगे। बालाकोट के संदेश को समझने पर पैनल विचार- विमर्श को एयर मार्शल के.के. नोहर को संचालक के तौर पर पेश करेंगे। विचार- विमर्श के लिए पैनलिस्टों में एयर चीफ़ मार्शल बी.एस. धनोआ, समीर जोशी, प्रवीण साहनी और एलन वार्न शामिल होंगे। इसी तरह, ‘द अनार्चे: द रिलैनटैंस राइज़ ऑफ द ईस्ट इंडिया कंपनी एंड एंपायर’ सम्बन्धी विचार - विमर्श को सर मार्क टूली के साथ संचालित करेंगे। पैनलिस्ट ओलिवर ऐवरट अलग -अलग फील्डों में भारत को ब्रिटेन के योगदान संबंधी 20 -30 मिनट की ऑडियो-विज़ुअल प्रस्तुति देंगे। एक और पैनल के मैंबर वाल्टर रीड होंगे। इंफाल:जापानी साम्राज्य की आखिरी लड़ाई सम्बन्धी सैशन को मेजर जनरल ए.पी. सिंह को संचालक के तौर पर निभाएंगे, जबकि पैनल के मैंबर कर्नल डा. राबर्ट लिमन, अरंमभम अगम्बा सिंह, पुशपिन्दर सिंह और ब्रिगेडियर एलन मलिनसन होंगे। सैशन स्थान-बी में ‘जींगोजि़यम और हाईपर-नैशनलिज़म-एक इंडियन प्रस्पैकटिव’ का संचालन सर मार्क टूली करेंगे और पैनलिस्टों में स्वाती चतुर्वेदी और कनू प्रिया शामिल होंगे। उसी दिन ‘एक और सत्याग्रह भारत की आत्मा के लिए (हिंदी)’ के सैशन का संचालन आरफ़ा ख़ानम शेरवानी करेंगे, जबकि पैनल के मैंबर रवीश कुमार और मनीष तिवाड़ी होंगे। फील्ड मार्शल सलीम की लीडरशिप और मुहिमों संबंधी विचार- विमर्श का संचालन लैफ्टिनैंट जनरल टी.एस. शेरगिल करेंगे और पैनल के सदस्यों में मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह, कर्नल डा. राबर्ट लिमन और ब्रिगेडीयर एलन मलिनसन शामिल होंगे। स्पाईमास्टरज़ और साईबर पर विचार- विमर्श - युद्ध और पीस में इंटेलिजेंस को के.सी. वर्मा द्वारा संचालित किया जायेगा और पैनल के सदस्यों में लैफ्टिनैंट जनरल संजीव लंगेर, जयदेव रानाडे और ऋतु सरीन शामिल होंगे। सैशन स्थान -सी में 6 किताबों पर विचार- विमर्श किये जाएंगे। समाप्ति वाले दिन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह समाप्ति समारोह की अध्यक्षता करेंगे। आखिरी दिन सैशन स्थान-ए में रन साइलेंट, रन डीप, स्ट्राईक हार्ड संबंधी पैनल विचार- विमर्श होंगे। यह सैशन एडमिरल सुनील लांबा द्वारा संचालित किया जायेगा, जबकि पैनल के मैंबर वी. एडमिरल ए.के. सिंह, भरत कर्नड और आर. एडमिरल मोंटी खन्ना होंगे। ‘धारा 370 और मौत’ विषय पर विचार - विमर्श के दौरान ए.एस. दुलत संचालक के रूप में नजऱ आऐंगे, जबकि पैनल के सदस्यों में राम माधव, मनोज जोशी और लैफ्टिनैंट जनरल डी.एस हुड्डा शामिल होंगे। यहीं यूनाइटिड किंगडम मिलिट्री टीम के साथ एक दिलचस्प सैशन ‘सोलजऱ टू सोलजऱ’ भी होगा। इसी तरह सैशन स्थान -बी में ‘क्रिएशन ऑफ द पोस्ट ऑफ चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ विषय पर विचार- विमर्श के लिए लैफ्टिनैंट जनरल आदित्या सिंह संचालक होंगे, जबकि पैनलिस्टों में शेखर दत्त और एडमिरल वी.एस. शेखावत शामिल होंगे। कारगिल युद्ध से सीखे पाठ और लैफ्टिनैंट जनरल पी.के. सिंह के साथ बतौर संचालक के तौर पर विचार- विमर्श किये जाएंगे, जबकि पैनल के सदस्यों में लैफ्टिनैंट जनरल जे.एस. चीमा और शेखर दत्त होंगे। ‘क्या रैड्ड कॉरिडोर वास्तव में मौजूद है?’ संबंधी विचार-विमर्श के लिए अजय साहनी संचालक की भूमिका में होंगे और पैनलिस्टों में अरुण भगत, ब्रिगेडियर बी. के.पोंवर, नन्दिनी सुंदर और एच. जे. डोरा आदि सम्मिलन करेंगे।

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